
छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत के मशहूर निर्माता मोहित साहू के खिलाफ मामला दर्ज हुए करीब 21 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में दर्ज इस हाई-प्रोफाइल मामले में कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों और फिल्म इंडस्ट्री में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। 22 जनवरी को हुई इस घटना के इतने दिन बाद भी गिरफ्तारी न होना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
अभिनेत्री शशि वर्मा ने लगाए थे मारपीट के गंभीर आरोप
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अभिनेत्री शशि वर्मा घायल अवस्था में पुरानी बस्ती थाने पहुंची थीं। उन्होंने निर्माता मोहित साहू पर मारपीट और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने पुलिस को घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और सबूत भी सौंपे हैं। पुलिस ने शुरुआती शिकायत के आधार पर केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन तब से मामला फाइलों में ही दबा नजर आ रहा है।
मेडिकल रिपोर्ट के इंतजार में अटकी पुलिसिया कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी है। घटना के तुरंत बाद पीड़िता को मुलाहिजा के लिए एम्स (AIIMS) भेजा गया था, जहां डॉक्टरों ने कुछ अतिरिक्त जांच कराने की सलाह दी थी। पुरानी बस्ती टीआई शील आदित्य सिंह के मुताबिक, जैसे ही अस्पताल से फाइनल रिपोर्ट प्राप्त होगी, मामले में अन्य जरूरी धाराएं जोड़कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद भी सुस्त रफ्तार
रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद जनता को उम्मीद थी कि अपराधों पर त्वरित लगाम लगेगी, लेकिन मोहित साहू मामले में हो रही देरी ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है, जिससे पीड़िता और गवाहों पर दबाव बढ़ने की आशंका है। चर्चा यह भी है कि रसूख और प्रभाव के कारण पुलिस इस मामले में धीमी गति से आगे बढ़ रही है।
पुलिस अधिकारियों ने दी साक्ष्यों के आधार पर दलील
एसीपी देवांश सिंह राठौर ने इस मामले पर स्पष्ट किया है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की प्रक्रिया जारी है। उनका कहना है कि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक और दस्तावेजी सबूतों को पुख्ता करना चाहती है। मेडिकल रिपोर्ट मिलते ही धाराओं का समावेश कर वैधानिक प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। हालांकि, पुलिस की यह दलील पीड़िता के सब्र का इम्तिहान ले रही है।
क्या कानून के शिकंजे में आएंगे मोहित साहू?
अब सबकी नजरें एम्स से आने वाली उस मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस केस की दिशा तय करेगी। यदि रिपोर्ट में चोटों की गंभीरता की पुष्टि होती है, तो निर्माता मोहित साहू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री के अन्य कलाकार भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं कि क्या रसूखदार निर्माता के खिलाफ कानून अपना काम निष्पक्षता से कर पाएगा या यह मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।



