शराब घोटाले में डिप्टी कमिश्नर की गिरफ्तारी, एसीबी की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने आबकारी विभाग के डिप्टी कमिश्नर नवीन प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजधानी रायपुर में की गई। जांच एजेंसी की इस कदम के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इससे मामले की जांच आगे बढ़ेगी।

कई महीनों से चल रही थी दस्तावेजों की जांच

सूत्रों के अनुसार, एसीबी की टीम पिछले कुछ समय से विभागीय फाइलों, बैंक खातों और ठेका प्रक्रिया से जुड़े कागजात की जांच कर रही थी। जांच में ठेका आवंटन, सप्लाई व्यवस्था और कमीशन से जुड़ी अनियमितताओं के संकेत मिले। इन्हीं आधारों पर अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में औपचारिक गिरफ्तारी की गई।

ठेका प्रक्रिया और वित्तीय लेनदेन पर सवाल

जांच एजेंसी को ऐसे दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है, जिनसे निर्णय प्रक्रिया और धन के लेनदेन पर सवाल खड़े होते हैं। इससे पहले भी इस मामले में कुछ अधिकारियों और कारोबारियों से पूछताछ हो चुकी है। करोड़ों रुपये के लेनदेन और कथित गठजोड़ की चर्चा पहले चरण की जांच में सामने आई थी। ताजा गिरफ्तारी को उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

अदालत में पेशी और रिमांड की तैयारी

एसीबी अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है। एजेंसी का प्रयास रहेगा कि पूछताछ के जरिए फंड के प्रवाह और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट की जाए। जांच के अगले चरण में और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज

इस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे पहले से चल रहे विवादों का विस्तार मान रहे हैं। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि शराब घोटाले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

Also Read: जांजगीर में फर्जी दस्तावेज से नौकरी पाने वाले शिक्षक को तीन साल की सजा

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button