
रायपुर के पंडरी इलाके में 31 जनवरी और 1 फरवरी की रात तीन दुकानों में बड़ी चोरी की वारदात सामने आई थी। चोरों ने लब-डब कपड़ा दुकान, नोवा फर्नीचर और डिजाइनर सेनिटेशन व हार्डवेयर दुकान को निशाना बनाया। ताले तोड़कर करीब 7 लाख रुपए नकद पार कर दिए गए। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत और नाराजगी दोनों देखी गई।
नागपुर और दिल्ली तक फरारी, रायपुर लौटते ही गिरफ्तारी
चोरी के बाद आरोपी लोकेश श्रीवास उर्फ गोलू नागपुर और फिर दिल्ली भाग गया था। कुछ दिन बाद जैसे ही वह रायपुर लौटा, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन पुलिस की टीम ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया। पुलिस को यह सफलता सटीक सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर मिली।
पूछताछ में अजीब दावा, 40 करोड़ की चोरी का आरोप
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाली बात कही। उसने दावा किया कि वह सोने की कैंची से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाल काटना चाहता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अब तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना समेत कई राज्यों में 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की चोरी कर चुका है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसका बयान असामान्य है और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है।
देशभर में चोरी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, लोकेश श्रीवास ज्वेलरी शॉप और शोरूम में चोरी के कई मामलों में शामिल रहा है। दिल्ली, यूपी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, राजनांदगांव और दुर्ग में उसके खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं। उसने पहली चोरी 2011 में भिलाई के संगम डेयरी में की थी। 2018 में भिलाई के पारख ज्वेलर्स में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। वह रायगढ़ जेल से फरार होने के मामले में भी आरोपी रह चुका है।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के पास से 79,500 रुपए नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। उसने मौदहापारा थाना क्षेत्र में भी चोरी करना स्वीकार किया है। रायपुर पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर बाकी रकम की बरामदगी की कोशिश करेगी। साथ ही दिल्ली और तेलंगाना पुलिस को गिरफ्तारी की जानकारी दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई न सिर्फ व्यापारियों के लिए राहत है, बल्कि अंतरराज्यीय चोरी नेटवर्क पर भी एक मजबूत कार्रवाई मानी जा रही है।
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