
रायपुर: छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आपूर्ति की गई मधुमेह (Diabetes) की एक दवा के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह रोक रायपुर और बलौदाबाजार जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर लागू की गई है।
इस बैच की दवा के उपयोग पर लगी रोक
सीजीएमएससी ने Metformin 500mg + Glimepiride 2mg Sustained Release Tablet के निम्नलिखित बैच के उपयोग पर रोक लगाई है:
- बैच संख्या (Batch No.): MGC-506
- फर्म का नाम (Firm Name): Healers Lab
ड्रग वेयरहाउस रायपुर की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि कुछ स्वास्थ्य संस्थानों से इस बैच की दवा की गुणवत्ता संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों में दवा की प्रभावशीलता और संरचना को लेकर संदेह जताया गया था।
गुणवत्ता जांच और परीक्षण प्रक्रिया शुरू
सीजीएमएससी ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाया है और रोक लगाए गए इस बैच की गुणवत्ता जांच और तकनीकी परीक्षण शुरू कर दिया है। निगम संबंधित प्रयोगशाला में दवा के नमूनों का परीक्षण कराएगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निगम यह तय करेगा कि इस दवा के उपयोग की अनुमति दी जाए या इसे पूरी तरह से बाजार से वापस (Recall) लिया जाए।
कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ ने लगाए गंभीर आरोप
सीजीएमएससी द्वारा दवा पर रोक लगाए जाने के बाद कांग्रेस के चिकित्सा प्रकोष्ठ ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि सीजीएमएससी के माध्यम से सरकारी अस्पतालों में नकली दवाओं की आपूर्ति की जा रही है।

डॉ. गुप्ता ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की भूमिका पर भी सवाल उठाया और कहा कि सीजीएमएससी “दवा माफिया के शिकंजे में” है। उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि दवाएं लगातार घटिया गुणवत्ता की निकल रही हैं, जिसके चलते सरकारी अस्पताल में इलाज कराने वाले गरीब मरीज वहाँ मिलने वाली दवाओं को खाने से परहेज करने लगे हैं। डॉ. गुप्ता ने इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की भी मांग की है।



