NHM Employees Protest: छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों की बर्खास्तगी की शुरुआत, इस जिले में इतने कर्मचारियों को किया बर्खास्त, अल्टीमेटम के बाद भी कर रहे थे प्रदर्शन

NHM Employees Protest: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16 हजार से ज्यादा संविदा कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। सरकार के 24 घंटे के अल्टीमेटम के बावजूद काम पर नहीं लौटने पर अब बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हो गई है।

बलौदाबाजार में दो कर्मचारियों को हटाया गया

NHM Employees Dismissal: बलौदाबाजार जिले में सीएमएचओ ने कसडोल ब्लॉक के डाटा मैनेजर हेमंत सिन्हा और कौशलेश तिवारी को बर्खास्त कर दिया। आदेश में कहा गया कि बार-बार नोटिस जारी करने और चेतावनी देने के बावजूद दोनों कर्मचारी काम पर नहीं लौटे, जो लोकहित के खिलाफ है।

कर्मचारी संघ का पलटवार: “डरने वाले नहीं”

NHM Niymitikaran: इस कार्रवाई पर एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रांतीय सलाहकार हेमंत सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारी मांगें मानने के बजाय बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की है। सवाल है कि क्या सरकार 16 हजार कर्मचारियों को एक साथ बर्खास्त करेगी?

सिन्हा ने साफ किया कि बर्खास्तगी से आंदोलन और तेज होगा। सभी कर्मचारी मंत्री और मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि “हम अपनी मांगों पर अडिग हैं और डरने वाले नहीं। मोदी की गारंटी के तहत नियमितीकरण का वादा पूरा किया जाए।”

NHM कर्मचारियों की बर्खास्तगी का आदेश-

रायगढ़ में मुंडन कर विरोध

रायगढ़ जिले में आंदोलनरत NHM कर्मचारियों ने मुंडन कर विरोध जताया। यहां 300 से ज्यादा कर्मचारी 17 दिनों से धरने पर हैं। उनका कहना है कि लिखित आदेश आने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।

सुनिए NHM कर्मचारी संघ के प्रांतीय सलाहकार ने क्या कहा –

कर्मचारियों की मुख्य मांगें

NHM कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों में शामिल हैं:

  • संविलियन और जॉब सुरक्षा
  • पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
  • लंबित 27% वेतन वृद्धि
  • ग्रेड पे निर्धारण और कार्य मूल्यांकन पद्धति में सुधार
  • नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण
  • अनुकंपा नियुक्ति और मेडिकल अवकाश
  • न्यूनतम 10 लाख का चिकित्सा बीमा
  • स्थानांतरण नीति का प्रावधान

सरकार की सख्ती, आंदोलन की आहट

सरकार ने चेतावनी दी थी कि काम पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई होगी। बलौदाबाजार में बर्खास्तगी के बाद अब माना जा रहा है कि अन्य जिलों में भी सख्ती बढ़ सकती है। कर्मचारी संघ ने भी साफ कर दिया है कि अब आंदोलन और उग्र होगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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