97 दिनों से जारी संघर्ष: बर्खास्त शिक्षकों ने खून से लिखा मुख्यमंत्री के नाम पत्र

रायपुर, 21 मार्च 2025। छत्तीसगढ़ में बर्खास्त बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों का आंदोलन अब 97 दिन पूरे कर चुका है। यह शिक्षक सरकार से समायोजन की मांग कर रहे हैं, और इसके लिए अब उन्होंने एक बेहद गंभीर कदम उठाया है। बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों को खून से हस्तलिखित पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
97 दिन से जारी है आंदोलन
बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इन शिक्षकों ने शुरू से ही समायोजन की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन किया है, लेकिन अब वे हताश और निराश हो चुके हैं। इस 97 दिन के लंबे आंदोलन में अब शिक्षक अपनी आवाज को और मजबूत करने के लिए खून से पत्र लिख रहे हैं।
समायोजन की मांग
शिक्षकों ने अपने पत्र में कहा कि अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो उनका आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका संघर्ष सिर्फ न्याय के लिए है, और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। बर्खास्त शिक्षकों का कहना है कि सरकार को संविधानिक रूप से इनका समायोजन करना चाहिए, और इसके लिए उन्हें जल्दी निर्णय लेना चाहिए।
बेरोज़गारी और मानसिक परेशानी
इन बर्खास्त शिक्षकों ने कहा कि 15 महीने तक उन्होंने कड़ी मेहनत की थी, चुनावों में ड्यूटी दी थी, लेकिन अब उनकी नौकरी छीन ली गई है। उनका मानसिक और आर्थिक रूप से शोषण हो रहा है। वे यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या परीक्षा देना और अच्छे अंक लाना उनकी गलती थी?
नवा रायपुर के धरनास्थल पर बैठकर ये शिक्षक कह रहे हैं कि वे तब तक नहीं उठेंगे जब तक उन्हें समायोजित नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, यह उनका अधिकार है, क्योंकि वे उन नियमों और कानूनों के तहत भर्ती हुए थे, जो सरकार ने तय किए थे।
आंदोलन के अगले कदम
इस आंदोलन के दौरान शिक्षक सरकार से यह भी पूछ रहे हैं कि उन्होंने जिन नियमों का पालन किया, उसके बाद भी उन्हें क्यों निकाल दिया गया? शिक्षक अब चेतावनी दे रहे हैं कि यदि जल्द ही समायोजन की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, तो उनका आंदोलन और उग्र हो जाएगा।
उनका यह स्पष्ट संदेश है कि “नौकरी के बदले नौकरी चाहिए” और जब तक समायोजन नहीं होगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।