
CG Scrub Typhus Alert:छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का प्रकोप थमा भी नहीं था कि अब स्क्रब टाइफस की आहट से हड़कंप मच गया है। के जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के तुसमा गांव निवासी 25 वर्षीय एक युवक की स्क्रब टाइफस की चपेट में आने से जान चली गई। युवक ने बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है और संक्रमण को रोकने के लिए मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
तेज बुखार के बाद लगातार बिगड़ती गई युवक की हालत
परिजनों के अनुसार 25 वर्षीय युवक को 17 सितंबर को अचानक तेज बुखार आया था। हालत बिगड़ने पर उसे सबसे पहले शिवरीनारायण के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब वहां उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और संक्रमण का असर बढ़ता दिखा, तब परिजन उसे आनन-फानन में बिलासपुर के बड़े निजी अस्पताल ले गए। हालांकि तमाम चिकित्सा प्रयासों के बावजूद शनिवार को डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल में भर्ती हैं 5 मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
Janjgir District Hospital Scrub Typhus Patients: युवक की मौत की पुष्टि होते ही जिला स्वास्थ्य प्रशासन हरकत में आ गया है। फिलहाल जांजगीर जिला अस्पताल में स्क्रब टाइफस से पीड़ित पांच मरीजों का उपचार चल रहा है, जिनकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बीते एक महीने के भीतर जिले के विभिन्न सरकारी और निजी चिकित्सालयों में करीब 40 से 45 मरीज स्क्रब टाइफस से मिलते-जुलते लक्षणों के साथ पहुंचे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में संदिग्ध मरीजों की तलाश तेज कर दी गई है।
घर-घर सर्वे और संदिग्धों की जांच में जुटी स्वास्थ्य टीमें
मृतक के गांव तुसमा और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमों को तैनात किया गया है। ये टीम घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों का ब्यौरा जुटा रही हैं और संदिग्ध पाए जाने पर तुरंत ब्लड सैंपल जांच के लिए भेज रही हैं। जिले में पहले से ही स्वाइन फ्लू के मामले दर्ज किए जा रहे थे, ऐसे में स्क्रब टाइफस के नए मामलों ने विभाग की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है।
जानिए क्या है स्क्रब टाइफस और इसके मुख्य लक्षण
Scrub Typhus Death Janjgir Champa: स्क्रब टाइफस एक जीवाणु संक्रमण (बैक्टीरियल इंफेक्शन) है, जो संक्रमित कीड़े ‘चिगर माइट्स’ (पिस्सू) के काटने से इंसानों में फैलता है। यह कीड़ा अमूमन झाड़ियों, खेतों, नमी वाले स्थानों और घास के मैदानों में पाया जाता है। इसके काटने के बाद मरीज को अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, मांसपेशियों में जकड़न और शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण महसूस होते हैं। कीड़े के काटने वाले स्थान पर अक्सर एक छोटा काला निशान (एस्कर) भी बन जाता है।
समय पर पहचान और बचाव ही है सबसे बड़ा उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती स्तर पर पहचान होने पर दवाइयों से इसका शत-प्रतिशत इलाज संभव है, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह फेफड़ों और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। बचाव के लिए खेतों या झाड़ियों वाले इलाकों में जाते समय शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनना जरूरी है। अपने आसपास साफ-सफाई रखें और यदि दो दिन से ज्यादा तेज बुखार रहे तो खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर खून की जांच कराएं।



