
धमतरी जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के कमर्शियल इस्तेमाल पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न होटलों, रेस्टोरेंट्स और ढाबों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के हक की गैस को व्यावसायिक मुनाफाखोरी से बचाना है। जांच के दौरान पाया गया कि कई रसूखदार दुकानदार नियमों को ताक पर रखकर रसोई गैस का उपयोग भट्टी जलाने में कर रहे थे। विभाग की इस सख्ती से जिले के होटल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
कुरूद से धमतरी तक ‘सफाई’ अभियान
खाद्य विभाग की टीम ने अभियान के तहत अब तक 19 बड़े प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसा है। अकेले कुरूद विकासखंड में हुई ताजा कार्रवाई में 5 होटलों से 10 घरेलू सिलेंडर बरामद किए गए। जिले के अन्य हिस्सों में भी 14 भोजनालयों और रेस्टोरेंट्स पर कार्रवाई करते हुए कुल 32 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत इन सभी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिए गए हैं। यह अभियान थमेगा नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में और भी तेजी से चलेगा।
घरेलू गैस का कमर्शियल इस्तेमाल पड़ेगा महंगा
खाद्य विभाग ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि घरेलू गैस सिलेंडर केवल घरों में खाना पकाने के लिए ही निर्धारित हैं। द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियम) आदेश 2000 के तहत इनका व्यावसायिक उपयोग कानूनी अपराध है। होटल और ढाबा संचालकों को केवल नीले रंग के कमर्शियल सिलेंडरों का ही इस्तेमाल करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को न केवल भारी जुर्माना भरना होगा, बल्कि उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
केवाईसी के बिना नहीं मिलेगी अगली रिफिल
गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने केवाईसी (KYC) को अनिवार्य कर दिया है। जिन उपभोक्ताओं ने अब तक अपनी गैस एजेंसी में आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के जरिए केवाईसी अपडेट नहीं कराया है, उनकी बुकिंग ब्लॉक कर दी जाएगी। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द संबंधित एजेंसी जाकर अपनी प्रक्रिया पूरी करें ताकि बुकिंग के समय किसी भी तरह की तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े।
बुकिंग के लिए तय की गई दिनों की सीमा
सरकार ने अब गैस रिफिलिंग के लिए नई समय-सीमा भी तय कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग के लिए 45 दिनों का इंतजार करना होगा। वहीं शहरी क्षेत्रों के लिए यह समय-सीमा 25 दिन निर्धारित की गई है। इसके साथ ही अब बुकिंग पूरी तरह से मोबाइल ओटीपी (OTP) आधारित होगी, जिससे गैस चोरी और ब्लैक मार्केटिंग की गुंजाइश खत्म हो सके।
उपभोक्ताओं से सुरक्षा जांच की अपील
खाद्य विभाग ने न केवल सख्ती दिखाई है, बल्कि सुरक्षा को लेकर उपभोक्ताओं को जागरूक भी किया है। अधिकारियों ने अपील की है कि उपभोक्ता समय-समय पर अपने गैस कनेक्शन की सुरक्षा जांच अधिकृत मैकेनिक से जरूर कराएं। सिलेंडर लेते समय उसकी सील और एक्सपायरी डेट की जांच करना भी जरूरी है। प्रशासन का कहना है कि जागरूकता और नियमों का पालन करके ही गैस संकट और संभावित हादसों को रोका जा सकता है।



