DSP कल्पना और कारोबारी विवाद में नया मोड़: जांच रिपोर्ट सौंपने से पहले ही अधिकारी का तबादला, सामने आए प्यार और पैसे के बड़े दावे

दंतेवाड़ा में तैनात डीएसपी कल्पना वर्मा और रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन के बीच चल रहे हाई-प्रोफाइल विवाद की जांच अब अधर में लटकती नजर आ रही है। इस मामले की बारीकी से जांच कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कीर्तन राठौर का अचानक तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब राजनांदगांव का नया एएसपी नियुक्त किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि राठौर ने हाल ही में दोनों पक्षों के विस्तृत बयान दर्ज किए थे और अगले दो-तीन दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपने वाले थे। इस ऐन वक्त पर हुए तबादले ने पुलिस महकमे के गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

कारोबारी का आरोप: प्यार के जाल में फंसाकर हड़पे करोड़ों रुपये

एएसपी के सामने अपना पक्ष रखते हुए कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। टंडन का दावा है कि डीएसपी ने उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर उनसे 2 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और कीमती सामान लिया। कारोबारी ने महादेव सट्टा ऐप का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि काम न करने पर उनके साथ विवाद किया गया। अपने दावों की पुष्टि के लिए टंडन ने जांच अधिकारी को कई डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज भी सौंपे हैं। कारोबारी का आरोप है कि डीएसपी अब उन पर अपनी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही हैं, जबकि डील पूरी न होने पर उनके परिवार ने उल्टा उन पर ही चेक बाउंस का केस दर्ज करा दिया।

DSP कल्पना का पलटवार: बदनाम करने की रची जा रही साजिश

दूसरी ओर, डीएसपी कल्पना वर्मा ने 22 दिसंबर को करीब दो घंटे तक एएसपी कार्यालय में मौजूद रहकर अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने कारोबारी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया है। डीएसपी का कहना है कि दीपक टंडन ने उनके परिजनों से पैसे लिए थे और अब जब वापस करने की बारी आई, तो वे उन्हें बदनाम करने के लिए मनगढ़ंत कहानियां सुना रहे हैं। डीएसपी की ओर से कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है। इस बीच सोशल मीडिया पर कारोबारी के साथ मारपीट के कुछ वीडियो भी प्रसारित हुए हैं, जिसके बाद मामला और अधिक गरमा गया है।

मुलाकात से लेकर विवाद तक: 2021 में शुरू हुई थी दोस्ती

इस पूरे विवाद की शुरुआत साल 2021 में हुई थी, जब कल्पना वर्मा महासमुंद में तैनात थीं। एक कॉमन दोस्त के जरिए उनकी मुलाकात दीपक टंडन के होटल में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और वे अक्सर एक-दूसरे से मिलने लगे। कारोबारी का कहना है कि इसी दोस्ती की आड़ में उनसे बड़ी रकम ऐंठी गई। विवाद तब सार्वजनिक हुआ जब 10 दिसंबर को टंडन ने मीडिया के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई। फिलहाल जांच अधिकारी के बदलने से इस मामले की गुत्थी और उलझ गई है। अब देखना होगा कि नए अधिकारी इस संवेदनशील केस को किस दिशा में ले जाते हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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