
छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए विष्णुदेव साय सरकार एक शानदार सौगात लेकर आई है। मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ (MBBS) की शुरुआत की है, जो उन परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है जो लंबे समय से बकाया बिल के बोझ तले दबे थे। इस योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य उन लोगों को राहत देना है जो कोरोना काल या अन्य आर्थिक तंगी की वजह से अपने बिजली बिलों का भुगतान नहीं कर पाए थे। बिजली वितरण केंद्रों में इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
29 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
इस योजना का दायरा काफी बड़ा है। इसके तहत प्रदेश के लगभग 29 लाख उपभोक्ताओं को करीब 758 करोड़ रुपये की सीधी छूट मिलने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार है जब बिजली उपभोक्ताओं को एक साथ इतनी बड़ी राशि की राहत दी जा रही है। यह योजना मुख्य रूप से निम्नदाब घरेलू कनेक्शन वाले परिवारों, गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले कार्डधारकों और किसानों (कृषि उपभोक्ताओं) को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
मूल राशि और सरचार्ज में मिलेगी बड़ी छूट
योजना के नियमों के मुताबिक, 31 मार्च 2023 तक की बकाया राशि को आधार माना गया है। पात्र उपभोक्ताओं को न केवल बिल की मूल राशि में रियायत दी जाएगी, बल्कि बिल जमा न करने पर लगने वाले भारी-भरकम अधिभार (सरचार्ज) को भी माफ किया जाएगा। अक्सर सरचार्ज की राशि मूल बिल से भी ज्यादा हो जाती है, जिसे चुकाना गरीब परिवारों के लिए नामुमकिन सा हो जाता है। अब सरकार के इस फैसले से उपभोक्ताओं को अपने पुराने बकाये से हमेशा के लिए छुटकारा मिल सकेगा।
कोरोना काल की आर्थिक मार से मिलेगी मुक्ति
योजना को लागू करने के पीछे एक बड़ी वजह कोरोना महामारी का दौर है। उस दौरान लगे प्रतिबंधों और लॉकडाउन की वजह से कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। जब पाबंदियां हटीं, तो उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों का भारी बिल थमा दिया गया। आर्थिक तंगी के कारण हजारों परिवार यह राशि नहीं चुका सके और उन पर कर्ज चढ़ता गया। मुख्यमंत्री साय की इस संवेदनशील पहल से अब उन परिवारों को फिर से मुख्यधारा में जुड़ने और नियमित बिल भुगतान करने का मौका मिलेगा।
मोर बिजली ऐप और वितरण केंद्रों पर पंजीयन शुरू
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। सरकार ने इसे बेहद आसान बनाया है। उपभोक्ता ‘मोर बिजली ऐप’ के जरिए घर बैठे पंजीयन कर सकते हैं। इसके अलावा, सभी नजदीकी बिजली वितरण केंद्रों और संबंधित बिजली कार्यालयों में भी पंजीकरण की सुविधा दी गई है। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी, जिससे लोगों के पास अपने बिलों के निपटारे के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा।
गांव-गांव लगेंगे शिविर, एम-ऊर्जा का भी मिलेगा लाभ
राज्य सरकार की योजना है कि कोई भी जरूरतमंद इस लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए गांव-गांव में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में अधिकारी मौके पर ही बिलों का समाधान करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना के तहत बकाया भुगतान करने के बाद उपभोक्ता ‘एम-ऊर्जा योजना’ के लिए भी दोबारा पात्र हो जाएंगे, जिससे उन्हें भविष्य में भी बिजली बिलों में सब्सिडी मिलती रहेगी। विभाग ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की शंका होने पर उपभोक्ता तुरंत अपने क्षेत्र के बिजली अधिकारी से संपर्क करें।



