
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को दिसंबर महीने से बड़े बदलाव के लिए तैयार रहना होगा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसके तहत प्रदेश के बिजली मीटर मोबाइल रिचार्ज की तरह काम करेंगे। यह प्री-पेड व्यवस्था स्मार्ट मीटर वाले घरों में लागू की जाएगी।
क्या है प्री-पेड स्मार्ट मीटर सिस्टम?
CSPDCL ने प्रदेशभर में 65 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से अब तक लगभग 47% घरों (करीब 28 लाख) में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह पूरा सिस्टम ऑटोमेटिक रहेगा:
- खपत और बैलेंस: उपभोक्ता जितनी बिजली की खपत करेंगे, उतना ही बैलेंस उनके रिचार्ज से ऑटोमेटिक कटता जाएगा।
- माइनस बैलेंस की छूट: उपभोक्ताओं को माइनस ₹300 तक के अतिरिक्त बैलेंस की छूट मिलेगी।
- सप्लाई बंद: माइनस ₹300 की यह लिमिट खत्म होते ही बिजली की सप्लाई ऑटोमेटिक रूप से बंद हो जाएगी। जब उपभोक्ता रिचार्ज करेंगे, तो पहले से बकाया ₹300 कटने के बाद ही बिजली की सप्लाई दोबारा शुरू होगी।
CSPDCL के अधिकारियों के अनुसार, यह प्री-पेड व्यवस्था इसी साल दिसंबर माह में लागू करने की योजना है। सरकार से हरी झंडी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
उपभोक्ताओं को मिलेगी खपत की पूरी जानकारी
इस नई व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए SMS के माध्यम से सूचनाएं दी जाएंगी:
- दैनिक जानकारी: उपभोक्ताओं को रोजाना बिजली की खपत और बिजली बिल की जानकारी SMS के जरिए मिलेगी।
- साप्ताहिक बजट: रिचार्ज में खर्च हुए बजट की सूचना हर सप्ताह SMS के जरिए भेजी जाएगी।
- अलर्ट मैसेज: रिचार्ज खत्म होने से पहले सप्ताह में तीन बार अलर्ट मैसेज भी भेजा जाएगा।
मीटर लगाने का काम कर रहीं 3 कंपनियां
CSPDCL ने प्रदेशभर के करीब 59 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य 2027-28 तक रखा है। वर्तमान में तीन कंपनियां यह काम कर रही हैं, जिनमें रायपुर में टाटा पावर, सरगुजा, रायगढ़ और बिलासपुर में हाइप्रिंट जीनस पावर और दुर्ग, राजनांदगांव तथा जगदलपुर में जीनस पावर शामिल हैं। सरकारी भवनों में मीटर लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है।



