
भिलाई: छत्तीसगढ़ के स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और अनूठा प्रयोग शुरू किया है। अब यहां से पढ़ाई करने वाले भावी इंजीनियर किताबी ज्ञान के साथ-साथ श्रीमद्भगवद्गीता के प्रबंधन और आध्यात्मिक सूत्रों का भी अध्ययन करेंगे। विश्वविद्यालय ने युवाओं को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के लिए इस्कॉन (ISKCON) मंदिर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। अब प्रदेश के सभी संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र पाठ्यक्रम के रूप में गीता का अध्ययन कर सकेंगे।
युवा दिवस पर हुआ एमओयू पर हस्ताक्षर
यह महत्वपूर्ण समझौता स्वामी विवेकानंद जयंती यानी युवा दिवस के मौके पर भिलाई के कला मंदिर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान हुआ। प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री खुशवंत साहेब की मौजूदगी में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा और इस्कॉन मंदिर के प्रतिनिधि रघुवर दास ने आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। मंत्री खुशवंत साहिब ने इस मौके पर कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत हमारा प्रयास है कि युवा न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनें, बल्कि वे अपने गौरवशाली इतिहास और परंपराओं से भी अवगत हों। देश के कई प्रतिष्ठित आईआईटी में भी इस तरह के पाठ्यक्रम पहले से चलाए जा रहे हैं।
खिलाड़ियों के लिए सरकार की बड़ी राहत
इसी कार्यक्रम के मंच से मंत्री खुशवंत साहेब ने विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अक्सर इंटर यूनिवर्सिटी खेल प्रतियोगिताओं के दौरान ही छात्रों की परीक्षाएं होती हैं, जिससे खिलाड़ी मानसिक दबाव में रहते हैं। अब ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि खेल प्रतियोगिताओं में शामिल होने वाले खिलाड़ियों की परीक्षाएं बाद में अलग से आयोजित की जाएंगी। इस फैसले से खिलाड़ियों को परीक्षा के डर से खेल छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा और वे खेल के मैदान में पूरे मन से प्रदर्शन कर सकेंगे।
प्रतिभाओं का सम्मान और दिग्गजों की मौजूदगी
युवा दिवस के इस विशेष समारोह में विश्वविद्यालय स्तर पर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई दिग्गज जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिनमें विधायक रिकेश सेन, विधायक ललित चंद्राकर और भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन प्रमुख थे। अतिथियों ने विवेकानंद के आदर्शों पर चर्चा करते हुए कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय का यह कदम छात्रों के व्यक्तित्व विकास में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में छात्र और शिक्षक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नए पाठ्यक्रम का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
संस्कारवान इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य
विश्वविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि भगवद्गीता के सिद्धांतों को समझने से भावी इंजीनियरों में नेतृत्व क्षमता और तनाव प्रबंधन जैसे कौशल विकसित होंगे। तकनीकी शिक्षा विभाग अब इस्कॉन के विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस विषय के मॉड्यूल और कक्षाओं की रूपरेखा तैयार कर रहा है। यह कोशिश की जाएगी कि गीता के उपदेशों को आधुनिक उदाहरणों के साथ जोड़कर छात्रों को पढ़ाया जाए ताकि वे इसे व्यवहारिक जीवन और कार्यस्थल पर भी लागू कर सकें। छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत में इस निर्णय को एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।



