EPFO New Rules: अब EPF खाते से 100% तक पैसा निकालना हुआ आसान, EPFO ने बदले नियम; नहीं देने होंगे दस्तावेज

नई दिल्ली: EPFO New Update: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 7 करोड़ से अधिक खाताधारकों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने अपनी हालिया बैठक में भविष्य निधि (EPF) से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के नियमों को सरल और उदार बना दिया है।

अब EPF सदस्य विशेष परिस्थितियों में अपने खाते में जमा 100% तक की राशि (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के अंशदान) की निकासी कर सकेंगे और इसके लिए कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी।

निकासी नियमों में ये बड़े बदलाव हुए

EPFO बोर्ड ने आंशिक निकासी के पुराने और जटिल 13 प्रावधानों को खत्म कर दिया है और उन्हें तीन मुख्य श्रेणियों में बाँट दिया है।

1. 100% तक आंशिक निकासी संभव

  • अब सदस्य अपने EPF खाते से 100% तक की राशि (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंशदान) निकाल सकेंगे।
  • दस्तावेजों की जरूरत नहीं: सबसे बड़ा बदलाव यह है कि निकासी की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित (Automated) होगी। अब सदस्यों को कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी और दावे तेजी से ऑनलाइन निपटाए जाएँगे।
  • सरल श्रेणियाँ: आंशिक निकासी के कारणों को तीन मुख्य श्रेणियों में इंटीग्रेट किया गया है:
    1. आवश्यक जरूरतें: (बीमारी, शिक्षा, विवाह आदि)
    2. आवास संबंधी जरूरतें
    3. विशेष परिस्थितियाँ: (जैसे प्राकृतिक आपदा, लॉकआउट, महामारी आदि)।

2. निकासी सीमा और सेवा अवधि में राहत

  • शिक्षा और विवाह: इन जरूरतों के लिए निकासी की सीमा को बढ़ाकर क्रमशः 10 गुना और 5 गुना कर दिया गया है।
  • न्यूनतम सेवा अवधि कम: सभी प्रकार की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि अब सिर्फ 12 महीने कर दी गई है। (पहले आंशिक निकासी की कुल मिलाकर केवल 3 बार अनुमति थी।)

25% न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना होगा

EPFO ने निकासी को उदार बनाने के साथ ही एक नया सुरक्षा प्रावधान भी जोड़ा है:

  • सदस्यों को अपने खाते में कुल योगदान का कम से कम 25% बैलेंस बनाए रखना होगा।
  • इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सदस्य उच्च ब्याज दर (वर्तमान में 8.25%) और कंपाउंडिंग का लाभ लेते हुए सेवानिवृत्ति के लिए पर्याप्त राशि जमा कर सकें।

अंतिम निपटान (Final Settlement) की अवधि में बदलाव

EPFO ने अंतिम निपटान के लिए आवश्यक अवधि को भी संशोधित किया है:

  • EPF की अंतिम निकासी: 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने
  • पेंशन की अंतिम निकासी: 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने

इन निर्णयों से EPFO के सदस्यों को उनकी जरूरत के समय फंड तक पहुँचना बहुत आसान हो जाएगा, जिससे प्रक्रिया में लगने वाला समय और परेशानी कम होगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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