
Janjgir-Champa News: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में तकनीक के गलत इस्तेमाल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक जनप्रतिनिधि ने आरोप लगाया है कि उनकी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया गया है। नगर पंचायत अड़भार के सांसद प्रतिनिधि संतोष राठौर ने सक्ती थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी आवाज को AI तकनीक से बदला है। इस बदली हुई आवाज को दो साल पुराने वीडियो फुटेज के साथ जोड़कर एक नया और भ्रामक वीडियो तैयार किया गया है। अब इस फर्जी कंटेंट को सोशल मीडिया के अलग-अलग ग्रुप और स्टेटस पर वायरल किया जा रहा है ताकि उनकी छवि और व्यापार को नुकसान पहुंचाया जा सके।
तहसीलदार से विवाद और बदले की भावना का आरोप
संतोष राठौर का दावा है कि उनके खिलाफ यह साजिश जानबूझकर रची गई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने अड़भार तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार और घूसखोरी के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में उन्होंने कलेक्टर से मिलकर सीबीआई जांच की भी मांग की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक इसी कार्रवाई से बौखलाकर संबंधित लोग अब तकनीक का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका मानना है कि जब वे सीधे तौर पर मुकाबला नहीं कर पाए, तो डिजिटल छेड़छाड़ के जरिए उन्हें बदनाम करने का रास्ता चुना गया है। यह मामला दर्शाता है कि कैसे अब आपसी दुश्मनी निकालने के लिए डीपफेक और एआई वॉयस क्लोनिंग जैसे हथियारों का इस्तेमाल होने लगा है।
साइबर सेल की मदद से जांच में जुटी पुलिस
सांसद प्रतिनिधि की शिकायत मिलने के बाद सक्ती पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो और ऑडियो की बारीकी से जांच की जा रही है। इसके लिए साइबर एक्सपर्ट्स की भी मदद ली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो को कहां से और किस सॉफ्टवेयर की मदद से एडिट किया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जी कंटेंट को सबसे पहले किस मोबाइल नंबर या सोशल मीडिया हैंडल से साझा किया गया था। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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