
जांजगीर-चांपा: जिले के बलौदा ब्लॉक के लेवई गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय से बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां की महिला प्रधानपाठक हीरा पोर्ते शराब के नशे में स्कूल पहुंचीं और कक्षा में टेबल पर पैर रखकर सो गईं। उनकी इस हरकत से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई और नाराज होकर बच्चे समय से पहले ही घर लौट गए। अभिभावकों ने इस घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।
छात्रों की पढ़ाई पर असर, अभिभावक नाराज
लेवई के इस प्राथमिक स्कूल में दो शिक्षक पदस्थ हैं। घटना वाले दिन एक शिक्षक छुट्टी पर थे, जबकि महिला प्रधानपाठक हीरा पोर्ते शराब के नशे में स्कूल पहुंचीं। आरोप है कि उन्होंने विद्यालय में अशोभनीय हरकतें भी कीं। इस दौरान पढ़ाई पूरी तरह बाधित रही, जिससे छात्रों का समय और पढ़ाई दोनों प्रभावित हुए।

जांच में पुख्ता हुआ मामला
अभिभावकों और ग्रामीणों की शिकायत के बाद कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम अकलतरा, जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय का निरीक्षण किया। जांच के दौरान शिक्षकों, छात्रों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने पुष्टि की कि 19 सितंबर को प्रधानपाठक नशे की हालत में स्कूल आई थीं।
तत्काल प्रभाव से निलंबन
जांच रिपोर्ट में इस कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना गया। कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हीरा पोर्ते को निलंबित कर दिया।
जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस
मामले में मॉनिटरिंग में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलौदा और बीआरसी बलौदा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी को भी स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर की सख्त चेतावनी
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की मर्यादा और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी शिक्षक या कर्मचारी ऐसी हरकत करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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