
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में एक वीडियो को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कांग्रेस नेता तुकाराम चंद्रवंशी और उनके कुछ साथियों के खिलाफ तरेगांव पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इन लोगों ने शासन-प्रशासन की छवि धूमिल करने के इरादे से बन रही नई सड़क को जानबूझकर गैती से उखाड़ा और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस घटना के बाद से ही जिले की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
ठेकेदार की शिकायत पर पुलिसिया कार्रवाई
पूरा मामला तब सामने आया जब सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार ने पुलिस के पास पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि कांग्रेस नेता ने अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचकर काम में बाधा डाली और जानबूझकर सड़क को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुकाराम चंद्रवंशी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इसे शांति भंग करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखा है।
जांच में सही मिली सड़क की गुणवत्ता
वीडियो में सड़क को घटिया बताने वाले दावों की सच्चाई जानने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की तकनीकी टीम फौरन मौके पर भेजी गई। इंजीनियरों और विशेषज्ञों की टीम ने सड़क के निर्माण और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गहराई से जांच की। जांच रिपोर्ट में यह साफ हुआ कि सड़क की गुणवत्ता नियमों के मुताबिक बिल्कुल सही है। विभाग का कहना है कि निर्माणाधीन सड़क पर जब तक फाइनल लेयर नहीं चढ़ती, तब तक उसे गैती जैसे औजारों से नुकसान पहुंचाना आसान होता है।

बैगा बाहुल्य क्षेत्र के विकास से जुड़ा प्रोजेक्ट
यह सड़क कोयलारी से मूधिया पथरा तक करीब 2.1 किलोमीटर की लंबाई में बनाई जा रही है। विशेष रूप से बैगा आदिवासियों की सुविधा के लिए बनाई जा रही इस सड़क की कुल लागत लगभग 1 करोड़ 65 लाख रुपये है। प्रशासन का कहना है कि इस मार्ग के बन जाने से क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों को जिला मुख्यालय और बाजारों तक पहुंचने में आसानी होगी। इस विकास कार्य को राजनीतिक विवाद में घसीटने से स्थानीय लोग भी असमंजस की स्थिति में हैं।
राजनीतिक माहौल और आगे की जांच
एफआईआर दर्ज होने के बाद से पुलिस अब आरोपियों की तलाश और मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। कवर्धा के राजनीतिक हलकों में इस घटना की कड़ी निंदा हो रही है। सत्ता पक्ष का कहना है कि विरोध के नाम पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गलत है, वहीं विपक्षी खेमे में इस कार्रवाई को लेकर सुगबुगाहट तेज है। फिलहाल तरेगांव थाना पुलिस साक्ष्य जुटा रही है और जल्द ही इस मामले में बड़ी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।



