रायगढ़ में मत्स्य विभाग के दफ्तर में भड़की आग: सरकारी फाइलें और उपकरण जलकर राख, लाखों का नुकसान

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ रविवार को जिला सहायक संचालक मछली पालन विभाग के कार्यालय में भीषण आग लग गई। अचानक उठी लपटों ने देखते ही देखते पूरे दफ्तर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। छुट्टी का दिन होने के कारण कार्यालय में कर्मचारी मौजूद नहीं थे, वरना कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और बचाव दल मौके पर पहुंच गया।

फाइलों और उपकरणों को पहुंचा भारी नुकसान

यह पूरा मामला रायगढ़ के चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। आग की इस चपेट में आने से विभाग की बेहद महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें, दफ्तर का फर्नीचर, कंप्यूटर सेट और कई अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, इस अग्निकांड में लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। कार्यालय के एक बड़े हिस्से में काला धुआं और राख के सिवा अब कुछ नहीं बचा है।

दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

आग लगने की खबर सबसे पहले स्थानीय मोहल्लेवासियों ने दी, जिन्होंने खिड़कियों से धुआं निकलता देखा। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भीषण थी कि फायर ब्रिगेड के जवानों को इसे बुझाने में काफी पसीना बहाना पड़ा। घंटों की मशक्कत और कई फेरे पानी डालने के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया गया, जिससे आग को बगल की इमारतों तक फैलने से रोका जा सका।

मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का पहरा

घटना की गंभीरता को देखते हुए चक्रधर नगर थाना प्रभारी और एएसपी अनिल कुमार सोनी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को घेर लिया ताकि भीड़ की वजह से बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। एएसपी ने मीडिया को बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। फिलहाल पुलिस की टीम वहां तैनात है और घटना से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है।

शॉर्ट सर्किट बन सकता है आग की वजह

शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। हालांकि, पुलिस और फायर एक्सपर्ट्स अभी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आग लगने के पीछे कोई तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य कारण। विभागीय अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या बिजली के उपकरणों में कोई ओवरलोडिंग की समस्या थी।

सरकारी दस्तावेजों के बैकअप पर टिकी उम्मीदें

इस हादसे में सबसे ज्यादा चिंता सरकारी रिकॉर्ड को लेकर जताई जा रही है। महत्वपूर्ण दस्तावेजों के जलने से विभागीय कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। मछली पालन विभाग के अधिकारी अब यह जांचने में जुटे हैं कि नष्ट हुई फाइलों का कोई डिजिटल बैकअप उपलब्ध है या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में पुराने होते जा रहे बिजली के तारों और अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के पुख्ता इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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