
रायपुर Sai Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंगलवार 9 सितंबर को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित की जा रही है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में दोपहर 3:30 बजे शुरू होने वाली इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इसमें बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत पैकेज, विकास योजनाओं की समीक्षा और औद्योगिक निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। बैठक में सभी 14 मंत्री शामिल होंगे।

बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत पैकेज पर फोकस
हाल ही में बस्तर और आसपास के जिलों में आई बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बैठक में बस्तर बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत और पुनर्वास पैकेज पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहले ही कह चुके हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में तेजी लाई जाएगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में आपदा प्रबंधन और पुनर्वास से जुड़े ठोस निर्णय होंगे।

विकास कार्यों और नीतिगत फैसलों की समीक्षा
बैठक में राज्य के विकास कार्यों को गति देने के लिए प्राथमिकताओं पर विचार होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई योजनाओं को मंजूरी दी जा सकती है।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में नए कदम उठ सकते हैं।
- शिक्षा के मोर्चे पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नए शैक्षणिक संस्थानों को लेकर निर्णय हो सकते हैं।
- कृषि क्षेत्र में सिंचाई, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधार और किसानों को वित्तीय सहायता जैसी योजनाओं पर चर्चा संभव है।
औद्योगिक निवेश और बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट
बैठक का बड़ा एजेंडा औद्योगिक निवेश भी रहेगा। सरकार राज्य में निवेश को और आकर्षक बनाने के लिए नई नीति पर विचार कर सकती है।
11 सितंबर को बस्तर में होने वाले इन्वेस्टर कनेक्ट पर भी चर्चा होगी। इस आयोजन के लिए अब तक 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
- होटल, ईको-टूरिज़्म, वेलनेस सेंटर, एडवेंचर स्पोर्ट्स और खेल सुविधाओं पर निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
- इन क्षेत्रों में 45% तक सब्सिडी, एससी/एसटी वर्ग के उद्योगपतियों को 10% अतिरिक्त सब्सिडी और नक्सल प्रभावित परिवारों को 65% तक सब्सिडी देने पर विचार हो सकता है।
- आत्मसमर्पित नक्सलियों को 40% (अधिकतम 5 लाख रुपये) वेतन सब्सिडी और बस्तर स्टील सेक्टर को रॉयल्टी रीइंबर्समेंट की सुविधा देने पर भी फैसला संभव है।
विधानसभा सत्र से पहले अहम रणनीति
कैबिनेट बैठक में आगामी विधानसभा सत्र से जुड़े एजेंडे और राजनीतिक रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा। सरकार के लिए यह बैठक राहत और विकास योजनाओं के साथ-साथ अपने कार्यकाल की दिशा तय करने का अवसर होगी।



