
धमतरी: छत्तीसगढ़ शासन के ऐतिहासिक निर्णय के बाद धमतरी जिले में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्तर की परीक्षाएं एक नए स्वरूप में आयोजित होने जा रही हैं। इस वर्ष केंद्रीकृत (सेंट्रलाइज्ड) वार्षिक परीक्षा में शासकीय स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी एक ही प्रश्नपत्र से अपनी योग्यता साबित करेंगे। धमतरी जिले के कुल 265 निजी स्कूलों ने इस बोर्ड पैटर्न परीक्षा के लिए 5 हजार 878 छात्रों का पंजीयन कराया है। जिला शिक्षा विभाग द्वारा प्रश्नपत्र तैयार कर लिए गए हैं, जिससे अब सरकारी और निजी स्कूलों के मूल्यांकन में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी।
जिले का सांख्यिकीय विवरण: 24 हजार से अधिक परीक्षार्थी
धमतरी जिले में इस बार परीक्षा का पैमाना काफी विशाल है। कुल 24,107 विद्यार्थी इस केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली का हिस्सा बनेंगे। पंजीयन के आंकड़ों के अनुसार, निजी स्कूलों के 5,878 छात्र पहली बार इस व्यवस्था में शामिल हो रहे हैं। ब्लॉकवार परीक्षार्थियों की संख्या नीचे तालिका में दी गई है, जो परीक्षा की व्यापकता को दर्शाती है:
| ब्लॉक | पांचवीं के छात्र | आठवीं के छात्र |
| धमतरी | 1,483 | 1,224 |
| कुरूद | 919 | 738 |
| मगरलोड | 386 | 355 |
| नगरी | 418 | 355 |
‘वन स्टेट, वन पेपर’: कैबिनेट के फैसले का क्रियान्वयन
छत्तीसगढ़ सरकार की कैबिनेट ने 26 नवंबर 2024 को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार हेतु पांचवीं और आठवीं की परीक्षाओं को केंद्रीकृत करने का बड़ा फैसला लिया था। इस नीति का मुख्य उद्देश्य पूरे प्रदेश में एक समान समय सारिणी और एक जैसा प्रश्नपत्र लागू करना है। पिछले वर्ष निजी स्कूलों को माननीय उच्च न्यायालय से ‘स्टे’ मिल जाने के कारण वे इस प्रक्रिया से बाहर रहे थे, लेकिन इस वर्ष कानूनी बाधाएं दूर होने के बाद वे भी इस मुख्यधारा की परीक्षा प्रणाली का हिस्सा बन रहे हैं।
परीक्षा तिथियों में फेरबदल से बढ़ी छात्रों की उलझन
केंद्रीकृत परीक्षा के आयोजन को लेकर तिथियों में लगातार हो रहे बदलाव ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे पहले परीक्षा की तिथि 25 मार्च निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 5 मार्च कर दिया गया। हालांकि, नवीनतम आदेश के अनुसार अब परीक्षाएं पुनः अपनी पुरानी निर्धारित तिथि यानी 25 मार्च से ही शुरू होंगी। बार-बार आदेश बदलने से स्कूलों में रिवीजन और तैयारियों के प्रबंधन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला शिक्षा विभाग की तैयारी: प्रश्नपत्र और वितरण योजना
भले ही परीक्षा की तिथियों को लेकर असमंजस रहा हो, लेकिन धमतरी जिला शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर अपनी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। विभाग द्वारा प्रश्नपत्रों का निर्माण कर लिया गया है और इन्हें सुरक्षित केंद्रों तक पहुँचाने की योजना तैयार है। निजी स्कूलों के लिए यह अनुभव बिल्कुल नया होगा क्योंकि उन्हें अब अपने स्वयं के प्रश्नपत्रों के बजाय विभाग द्वारा प्रेषित सेंट्रलाइज्ड पेपर से परीक्षा लेनी होगी। यह कदम छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक कौशल विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।
हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के लिए समान अवसर
इस केंद्रीकृत परीक्षा की एक मुख्य विशेषता यह है कि इसमें छत्तीसगढ़ बोर्ड (CGBSE) से संबद्धता प्राप्त हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों के निजी स्कूल शामिल हो रहे हैं। इससे भाषाई स्तर पर बिना किसी भेदभाव के सभी छात्रों को एक मानक मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरने का अवसर मिलेगा। निजी स्कूलों द्वारा समय पर कराए गए रजिस्ट्रेशन के बाद अब विभाग का पूरा ध्यान परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और सुचारू संचालन पर केंद्रित है।
भविष्य की राह: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान मूल्यांकन
निजी स्कूलों का सरकारी परीक्षा तंत्र में शामिल होना राज्य की शिक्षा नीति में एक बड़े सुधार का संकेत है। इससे निजी और सरकारी स्कूलों के बीच की शैक्षणिक खाई को पाटने में मदद मिलेगी। सेंट्रलाइज्ड पेपर होने से छात्रों की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन हो सकेगा, जो भविष्य में उच्च कक्षाओं (9वीं और 11वीं) के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा। विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे अंतिम समय की तैयारियों को 25 मार्च के अनुसार ही संचालित करें।



