Video: पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर को पुलिस ने किया नजरबंद: अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने की तैयारी, कोरबा कलेक्टर को हटाने पर अड़े

छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर को रायपुर पुलिस ने गहोई भवन में नजरबंद कर दिया है। वे अपनी ही सरकार के खिलाफ मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने जा रहे थे। इससे पहले पुलिस ने उन्हें एम्स के पास रोक लिया। बताया जा रहा है कि ननकीराम कंवर गेट कूदकर बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

कंवर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर यही रवैया जारी रहा तो अगली बार भाजपा को 15 सीटों से ज्यादा नहीं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि जनता बदलाव चाहती है और सरकार को अपने व्यवहार पर पुनर्विचार करना चाहिए।

धरने से पहले रायपुर पहुंचे, जिला प्रशासन को दिया था पत्र

ननकीराम कंवर पिछले कई दिनों से कोरबा कलेक्टर अजित वसंत को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कलेक्टर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और मनमानी तरीके से प्रशासन चला रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन को लिखित में सूचना दी थी कि अगर 4 अक्टूबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो वे रायपुर में धरना देंगे।

योजना के अनुसार, शुक्रवार देर शाम वे रायपुर पहुंचे और शनिवार सुबह 10:30 बजे धरना स्थल पर बैठने वाले थे। लेकिन जैसे ही वे होटल से निकले, पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रोक लिया और गहोई भवन में नजरबंद कर दिया।

जांच के आदेश, बिलासपुर संभागायुक्त को सौंपी जिम्मेदारी

इस विवाद पर राज्य शासन ने ननकीराम कंवर के शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से जांच रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, सुनील जैन ने कहा कि उन्हें अभी तक शासन से कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि जैसे ही आदेश मिलेगा, वे जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे।

सूत्रों के अनुसार, शासन ने इस प्रकरण पर औपचारिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ननकीराम कंवर के आरोप: “कलेक्टर हिटलरशाही चला रहे हैं प्रशासन”

पूर्व मंत्री ने कोरबा कलेक्टर अजित वसंत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कलेक्टर जिले में हिटलरशाही तरीके से प्रशासन चला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कलेक्टर पर सैकड़ों भ्रष्टाचार के आरोप हैं, जिनमें 40 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से अरबों रुपए की ठगी, फर्जी मुआवजा वितरण, और खनिज न्यास निधि (DMF) में गड़बड़ी शामिल है।

ननकीराम कंवर ने कहा कि उन्होंने सरकार को कई बार चेताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए अब उन्हें अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठानी पड़ रही है।

भाजपा कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को टारगेट करने का आरोप

पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि कलेक्टर न केवल अफसरशाही कर रहे हैं, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक वरिष्ठ पत्रकार रमेश राठौर के मकान को बारिश के दौरान तोड़वाया गया, जबकि उसी इलाके में बाकी मकानों को नहीं छुआ गया।

इसी तरह, भाजपा कार्यकर्ताओं के राइस मिल और पेट्रोल पंप सील करने की घटनाएं भी हुईं। उनका आरोप है कि यह सब राजनीतिक प्रतिशोध के तहत किया गया।

पहले भी भेजा गया था नोटिस, विवाद पहले से जारी

यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले कलेक्टर अजित वसंत ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को फेसबुक पोस्ट को लेकर नोटिस भेजा था, जिसमें कहा गया था कि पोस्ट से प्रशासन की छवि धूमिल होती है। तब भी इस मामले ने राजनीतिक हलचल मचाई थी।

कंवर की मुख्य मांगें- भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ कार्रवाई

ननकीराम कंवर ने अपनी शिकायत में कई गंभीर बिंदु उठाए हैं:

  • रजगालार पंचायत में भेदभावपूर्ण कार्रवाई: 50 साल से बसे 3,000 लोगों में से केवल एक व्यक्ति को अवैध कब्जे का नोटिस भेजा गया।
  • पत्रकार के घर पर कार्रवाई: बारिश में पत्रकार का घर गिराया गया, बाकी पर कोई कदम नहीं।
  • महिला ठगी मामला: 40,000 महिलाओं से अरबों की ठगी, सीमित FIR दर्ज, प्रशासनिक संरक्षण का आरोप।
  • टोल प्लाजा विवाद: कलेक्टर की पत्नी के वाहन को रोकने पर दो युवकों को जेल भेजा गया।
  • पूर्व सैनिक को धमकी: कारगिल योद्धा प्रेमचंद पांडे को फर्जी मामले में फंसाने की कोशिश।
  • खनिज न्यास निधि में भ्रष्टाचार: DMF की करोड़ों राशि मुआवजे के नाम पर गलत तरीके से बांटी गई।
  • फर्जी मुआवजा प्रकरण: बिना जमीन के 152 लोगों को फर्जी भुगतान, जांच के बाद भी वसूली नहीं।
  • कलेक्टर की पत्नी को भुगतान: डॉ. रूपल ठाकुर को DMF से चिकित्सक पद का वेतन, कार्य न करने के बावजूद हर महीने लाखों रुपए का भुगतान।

“सरकार अपनी छवि बचाए, जनता सब देख रही है”

ननकीराम कंवर ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने अफसरों की जांच नहीं कराएगी, तो जनता खुद जवाब देगी।

उन्होंने कहा, “मुझे अपनी पार्टी से गिला नहीं, लेकिन अफसरशाही की मनमानी को अनदेखा करना जनता के साथ अन्याय है। मैं तब तक चुप नहीं बैठूंगा, जब तक कोरबा की जनता को न्याय नहीं मिलता।”

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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