
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बलौदाबाजार कलेक्टोरेट आगजनी कांड में पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। मंगलवार को पुलिस ने छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल को एक नए मामले में गिरफ्तार किया है। यह उनकी इस केस से जुड़ी चौथी गिरफ्तारी बताई जा रही है। अमित बघेल पहले से ही रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद थे, जहां से पुलिस ने उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर बलौदाबाजार की अदालत में पेश किया। इस गिरफ्तारी के साथ ही शहर में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
सेंट्रल जेल से सीधे कोर्ट तक: पुलिस की नई चाल
बलौदाबाजार पुलिस ने मामला क्रमांक 383/24 के तहत यह ताजा कार्रवाई की है। अमित बघेल को रायपुर जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच बलौदाबाजार लाया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हिंसा और आगजनी की कड़ियों को जोड़ने के लिए अमित बघेल से नए सिरे से पूछताछ जरूरी थी, जिसके आधार पर न्यायालय से उनका रिमांड मांगा गया। बता दें कि जनवरी महीने में इसी मामले में उनकी पहली गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद से ही उन पर कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव भी पुलिस की गिरफ्त में
इस मामले में केवल अमित बघेल ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव पर भी गाज गिरी है। पुलिस ने डॉ. यादव को भी गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। आरोप है कि कलेक्टोरेट में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के दौरान भीड़ को उकसाने और साजिश रचने में इन नेताओं की अहम भूमिका थी। अब पुलिस इन दोनों प्रमुख नेताओं को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि पर्दे के पीछे छिपे अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
200 से अधिक गिरफ्तारियां: कार्रवाई का आंकड़ा बढ़ा
बलौदाबाजार हिंसा मामले में पुलिस अब तक 200 से ज्यादा लोगों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। कलेक्टोरेट और एसपी ऑफिस में हुई आगजनी ने पूरे प्रदेश को दहला दिया था, जिसके बाद से ही प्रशासन दोषियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रहा है। जांच टीम वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दंगाइयों की पहचान कर रही है। अमित बघेल की बार-बार हो रही गिरफ्तारी यह संकेत दे रही है कि पुलिस के पास उनके खिलाफ पुख्ता सबूतों की एक लंबी फेहरिस्त तैयार है।
जांच का नया दायरा: साजिश की गहराई नापेगी पुलिस
पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, अमित बघेल और डॉ. अजय यादव से मिलने वाली जानकारियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उस दिन हुई हिंसा के लिए कोई बाहरी फंडिंग हुई थी या यह किसी बड़ी सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। रिमांड के दौरान पुलिस इन नेताओं के मोबाइल रिकॉर्ड्स और घटना के दिन की लोकेशन के आधार पर नए सवाल दागने वाली है।
बलौदाबाजार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
क्रांति सेना के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी और पेशी को देखते हुए बलौदाबाजार कोर्ट परिसर और कलेक्टोरेट इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह के विरोध या हंगामे की स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन का साफ कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो। फिलहाल, अदालत के फैसले और पुलिस की अगली पूछताछ पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।



