
नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कबीरधाम पुलिस ने छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की सीमा पर तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही रोकने के लिए तैनात चिल्फी थाना पुलिस ने एक संदिग्ध कंटेनर को रोककर जब उसकी तलाशी ली, तो अधिकारी भी दंग रह गए। तस्करों ने गांजे को छिपाने के लिए वाहन के भीतर एक बेहद शातिर ‘गुप्त चैंबर’ तैयार किया था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। हालांकि, मुखबिर की सटीक सूचना ने इस पूरे खेल का भंडाफोड़ कर दिया।
9 क्विंटल गांजा जब्त, 5 करोड़ रुपये आंकी गई कीमत
चिल्फी पुलिस द्वारा की गई इस छापेमारी में भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कंटेनर के विशेष चैंबर से 30-30 किलो की कुल 30 बोरियां मिलीं, जिनमें उच्च गुणवत्ता वाला गांजा भरा हुआ था। जब्त किए गए 900 किलोग्राम (9 क्विंटल) गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने नशीले पदार्थ के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल किए गए 50 लाख रुपये के कंटेनर को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
ओडिशा से राजस्थान की ओर जा रही थी खेप
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान आयाज खान के रूप में हुई है, जो राजस्थान के भरतपुर का निवासी है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह गांजे की यह बड़ी खेप ओडिशा से लेकर राजस्थान की ओर जा रहा था। नागालैंड पासिंग नंबर वाले इस कंटेनर का इस्तेमाल अंतरराज्यीय तस्करी के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार किन-किन राज्यों से जुड़े हैं और इस अवैध कारोबार का असली मास्टरमाइंड कौन है।
सीमावर्ती इलाकों में घेराबंदी कर दबोचा गया आरोपी
चिल्फी क्षेत्र छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित होने के कारण तस्करों के लिए एक प्रमुख रूट माना जाता है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश पर सीमावर्ती नाकों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। जैसे ही नागालैंड नंबर का संदिग्ध कंटेनर चिल्फी पहुंचा, पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे रोक लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से तस्कर को भागने या माल को ठिकाने लगाने का मौका ही नहीं मिला। आरोपी के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट (NDPS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
नशे के खिलाफ पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान जारी
इस बड़ी सफलता के बाद कबीरधाम पुलिस ने तस्करों को सख्त संदेश दिया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इस तस्करी रूट पर सक्रिय अन्य अपराधियों तक पहुंचा जा सके। आने वाले दिनों में पुलिस की गश्त और जांच और भी सख्त की जाएगी ताकि छत्तीसगढ़ को नशा मुक्त बनाया जा सके।



