छत्तीसगढ़ में गैस-पेट्रोल की किल्लत महज अफवाह: सरकार का दावा- स्टॉक है भरपूर, कालाबाजारी हो तो इस टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस और ईंधन की कमी को लेकर फैल रही खबरों पर राज्य सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। शासन ने साफ किया है कि प्रदेश में एलपीजी (LPG), पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मुख्य सचिव विकास शील ने उच्च स्तरीय बैठक कर तेल कंपनियों और खाद्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा न आए। सप्लाई चैन को दुरुस्त रखने और अफवाहों पर लगाम कसने के लिए राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी का गठन भी कर दिया गया है।

टोल फ्री नंबर जारी: एक कॉल पर होगी शिकायत दर्ज

अगर आपको गैस सिलेंडर या पेट्रोल-डीजल के लिए परेशान किया जा रहा है या कोई आपसे अधिक कीमत वसूल रहा है, तो अब आप सीधे सरकार से इसकी शिकायत कर सकते हैं। राज्य शासन ने टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 और 1967 जारी किए हैं। इन नंबरों पर शिकायत मिलते ही खाद्य विभाग और तेल कंपनियां तुरंत एक्शन लेंगी। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह के दुष्प्रचार में न आएं और समस्या होने पर आधिकारिक माध्यमों का ही सहारा लें।

जमाखोरों पर सर्जिकल स्ट्राइक: 102 ठिकानों पर छापेमारी

गैस सिलेंडरों की किल्लत पैदा कर अवैध मुनाफा कमाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। अब तक प्रदेश के 102 संदिग्ध ठिकानों पर अचानक दबिश दी गई है, जहां से कुल 741 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। कार्रवाई के मामले में राजधानी रायपुर सबसे आगे है, जहां 392 सिलेंडर पकड़े गए हैं, वहीं बिलासपुर में भी 130 सिलेंडरों की जब्ती हुई है। प्रशासन का कहना है कि यह जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के हक पर डाका न डाला जा सके।

5 बॉटलिंग प्लांट और 2465 पंपों से हो रही सप्लाई

प्रदेश की ईंधन जरूरतों को पूरा करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी क्षमता से काम कर रहा है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के कुल 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट संचालित हैं। इन प्लांटों से प्रदेश के 540 वितरकों को नियमित रूप से सिलेंडर भेजे जा रहे हैं। वहीं, राज्य के 2,465 पेट्रोल पंपों के माध्यम से डीजल और पेट्रोल का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि स्टॉक इतना है कि आने वाले कई दिनों तक कोई संकट नहीं आएगा।

केंद्र का भरोसा: केरोसिन का अतिरिक्त कोटा भी मंजूर

हाल ही में केंद्रीय खाद्य सचिव के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन का कोई अभाव नहीं है। छत्तीसगढ़ की जरूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 48,240 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन का आवंटन भी जारी कर दिया है। उपभोक्ता मामले विभाग ने जानकारी दी है कि देश में 40 आवश्यक वस्तुओं के दाम फिलहाल स्थिर हैं और बाजार में किसी भी चीज की कमी नहीं होने दी जाएगी।

25 दिनों का ‘गैप’ जरूरी: बार-बार बुकिंग से बचें

तेल कंपनियों ने रिफिल सिलेंडर की बुकिंग के लिए एक नया नियम याद दिलाया है। अब उपभोक्ताओं को अपनी पिछली बुकिंग से कम से कम 25 दिन का अंतराल रखना होगा। शासन ने सलाह दी है कि एक बार बुकिंग सफल होने के बाद बार-बार प्रयास न करें, क्योंकि इससे सर्वर पर दबाव बढ़ता है और वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है। ऑनलाइन बुकिंग के लिए केवल अपने वितरक द्वारा दिए गए अधिकृत नंबरों का ही उपयोग करें।

अफवाहों से बचें और सतर्क रहें नागरिक

सोशल मीडिया और मोहल्ले की चर्चाओं में गैस खत्म होने की बातों पर यकीन न करें। राज्य शासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि जमाखोरी और पैनिक बाइंग (डर में खरीदारी) ही असली किल्लत की वजह बनती है। यदि हर नागरिक अपनी जरूरत के हिसाब से सामान खरीदे, तो व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। सरकार और प्रशासन हर जिले की उपलब्धता की डेली रिपोर्ट ले रहे हैं ताकि कहीं भी सप्लाई बाधित न हो।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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