रायपुर में गैस संकट: गैस किल्लत से 20 से ज्यादा रेस्टोरेंट में लटके ताले, होटल इंडस्ट्री में मची खलबली

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जायके पर इन दिनों ग्रहण लगता नजर आ रहा है। शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत (Raipur Gas Cylinder Shortage) के कारण होटल और रेस्टोरेंट कारोबार बुरी तरह चरमरा गया है। आलम यह है कि गैस की सप्लाई न होने की वजह से रायपुर के 20 से अधिक रेस्टोरेंट को अस्थायी रूप से अपने शटर गिराने पड़े हैं। दरअसल, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिसका खामियाजा अब रायपुर के कारोबारियों और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

किचन संभालना हुआ मुश्किल: बंद हो रहे हैं शहर के नामी ठिकाने

रायपुर शहर में लगभग 100 से अधिक मध्यम और बड़े स्तर के रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। इनमें से अधिकांश संचालकों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से सिलेंडर के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। बिना ईंधन के रसोई का संचालन नामुमकिन हो गया है, जिसके चलते संचालकों ने घाटा सहते हुए भी प्रतिष्ठान बंद करने का कड़ा फैसला लिया है। व्यवसायियों का मानना है कि यदि अगले 48 घंटों में स्थिति नहीं सुधरी, तो बंद होने वाले रेस्टोरेंट की संख्या दोगुनी हो सकती है।

शादी-ब्याह के सीजन पर भी पड़ा असर: कैटरर्स की बढ़ी मुश्किलें

गैस संकट का असर सिर्फ होटलों तक सीमित नहीं है, बल्कि शादी-ब्याह के पीक सीजन में कैटरिंग व्यवसाय की भी कमर टूट गई है। शादियों के बड़े ऑर्डर ले चुके कैटरर्स को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे आयोजनों की तैयारी में भारी बाधा आ रही है। कई संचालकों को मजबूरी में ऊंचे दामों पर कालाबाजारी से सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं या कोयले जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न केवल खाने का स्वाद बदल रहा है, बल्कि लागत भी बजट से बाहर जा रही है।

बड़े होटलों में सिर्फ 2-3 दिन का स्टॉक: गहरा सकता है संकट

शहर के आलीशान और बड़े होटलों की स्थिति भी कुछ खास बेहतर नहीं है। होटल एसोसिएशन के सूत्रों के मुताबिक, अधिकांश बड़े होटलों के पास अब केवल दो से तीन दिनों का ही गैस स्टॉक बचा हुआ है। यदि सप्लाई चैन को जल्द बहाल नहीं किया गया, तो शहर की फूड इंडस्ट्री पूरी तरह ठप हो सकती है। होटल मालिकों ने प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियों से गुहार लगाई है कि कमर्शियल गैस की उपलब्धता को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए ताकि इस संकट को और गहराने से रोका जा सके।

अंतरराष्ट्रीय तनाव और सप्लाई चैन का पेच

विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट (खासकर ईरान और इजराइल) में जारी तनाव की वजह से कच्चा तेल और गैस का आयात प्रभावित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मची इस उथल-पुथल ने घरेलू बाजार में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों और उपलब्धता दोनों को बिगाड़ दिया है। रायपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में, जहां कमर्शियल गैस की खपत बहुत ज्यादा है, वहां इस तरह का ‘सप्लाई गैप’ पूरे स्थानीय बाजार को हिलाकर रख देता है।

सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद

फूड और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री से जुड़े लोग अब राज्य और केंद्र सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। व्यापारियों का कहना है कि सरकार को दखल देकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्थानीय गैस वितरकों के पास पर्याप्त कोटा पहुंचे। फिलहाल, रायपुर के लोग बाहर खाने और ऑनलाइन फूड डिलीवरी में हो रही देरी से परेशान हैं। यदि समाधान में देरी हुई, तो शहर की पूरी फूड चैन प्रभावित हो सकती है, जिससे हजारों कर्मचारियों के रोजगार पर भी संकट आ सकता है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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