ईरान से भारत की बड़ी डील: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आएंगे तेल टैंकर, गैस की किल्लत होगी खत्म

ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग के बीच भारत के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। देश में रसोई गैस की संभावित कमी को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान से सीधे बातचीत की थी। इसका सकारात्मक नतीजा यह निकला कि ईरान ने भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते दो एलपीजी (LPG) टैंकर लाने की इजाजत दे दी है। इस फैसले से भारतीय बाजारों में गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहेगी।

भारतीय टैंकरों के लिए खुला होर्मुज का रास्ता

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों का गुजरना अब आसान होगा। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह भारत के दो एलपीजी टैंकरों को वहां से सुरक्षित निकलने का रास्ता देगा। युद्ध के माहौल में इस रूट पर भारी पाबंदियां लगी हुई थीं लेकिन भारत की कूटनीतिक कोशिशों के कारण यह संभव हो पाया है।

ईरानी राजदूत ने भारत को बताया पक्का दोस्त

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने इस पूरी डील की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच के संबंध बहुत गहरे हैं और ईरान अपने दोस्त को मुश्किल में नहीं देख सकता। फतहाली के मुताबिक दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय स्तर पर कई बड़े प्रोजेक्ट्स और साझा हित जुड़े हुए हैं जिन्हें देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

मुश्किल घड़ी में भारत की मदद को किया याद

राजदूत ने मीडिया से चर्चा में पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि जब भी ईरान पर कोई कठिन समय आया है तब भारत सरकार ने उसकी मदद की है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा सहयोग की भावना दिखाई है और यही वजह है कि आज ईरान भी भारत की ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों को समझते हुए हर संभव सहायता दे रहा है।

रसोई गैस की कमी का डर अब होगा दूर

पिछले कुछ दिनों से खाड़ी देशों में तनाव के कारण यह चर्चा थी कि भारत में रसोई गैस की किल्लत हो सकती है। लोग डरे हुए थे कि अगर खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई रुकी तो देश में कीमतें बढ़ सकती हैं। अब ईरान से रास्ता मिलने के बाद इन टैंकरों के भारत पहुंचने से एलपीजी का भंडार सुरक्षित रहेगा और लोगों को राहत मिलेगी।

दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग पर बढ़ी चर्चा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वह रास्ता है जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा जहाजों के जरिए निकलता है। युद्ध की वजह से इस इलाके में जहाजों पर हमले और कब्जे का डर बढ़ गया था। ऐसी स्थिति में भारत जैसे देश के लिए अपने जहाजों को वहां से सुरक्षित निकालना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर दिया जोर

ईरानी अधिकारियों का मानना है कि भारत और ईरान के बीच के अच्छे संबंध पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। फतहाली ने संकेत दिए कि आने वाले समय में दोनों देश व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्र में और भी बड़े समझौते कर सकते हैं। फिलहाल प्राथमिकता भारतीय जहाजों को बिना किसी रुकावट के उनके गंतव्य तक पहुंचाना है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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