
रायपुर: Chhattisgarh government schemes for women: छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते कुछ वर्षों में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें कुछ योजनाएं सीधे आर्थिक मदद पहुंचा रही हैं, तो कुछ महिलाएं खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें, इसके लिए प्रशिक्षण और संसाधन दे रही हैं। संकट की स्थिति में सुरक्षा, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए सहयोग, ग्रामीण महिलाओं को बाज़ार से जोड़ने जैसी तमाम पहलें अब ज़मीनी हकीकत बन रही हैं।

महतारी वंदन योजना: करोड़ों महिलाओं को सीधी आर्थिक मदद
राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 69.19 लाख से अधिक महिलाओं को ₹11,728 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। प्रति माह 1 हजार रूपये की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और लाभ समय पर मिलता है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
सखी वन स्टॉप सेंटर: संकट में फंसी महिलाओं को त्वरित सहायता
Sakhi One Stop Centre: छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने सखी वन स्टॉप सेंटर के लिए SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) लागू किया है। इन केंद्रों के ज़रिए घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के संकट का सामना कर रही महिलाओं को एक ही छत के नीचे मेडिकल, काउंसलिंग और कानूनी सहायता दी जाती है।
यूनिटी मॉल: महिला उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाज़ार
Unity Mall Chhattisgarh Raipur: नवा रायपुर में तैयार हो रहे यूनिटी मॉल में महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) द्वारा बनाए गए उत्पादों के लिए स्थायी और व्यापक बाज़ार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने सामान बेचने का सीधा प्लेटफॉर्म मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
मानदेय सीधे खातों में: पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
अब राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज़ हुई है और किसी भी तरह की देरी या गड़बड़ी पर तत्काल निगरानी की जा सकती है।
महतारी सदन: हर गांव में महिलाओं के लिए स्वरोजगार केंद्र
Mahtari Sadan: राज्य सरकार हर ग्राम पंचायत में “महतारी सदन” की स्थापना कर रही है। ये केंद्र स्थानीय महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण, संसाधन और बाज़ार से जुड़ने की सुविधा देंगे, जिससे वे खुद का कारोबार शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से आगे बढ़ सकें।
छत्तीसगढ़ महिला कोष: व्यवसायिक प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग
Chhattisgarh Women’s Fund: इस योजना के ज़रिए महिलाओं को उद्यमिता से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है और नया व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक मदद भी दी जाती है। महिला कोष का लक्ष्य है कि महिलाओं को सिर्फ मदद नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का अवसर मिले।
सक्षम योजना: अकेली महिलाओं के लिए सहारा
राज्य की सक्षम योजना उन महिलाओं के लिए है जो विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता या अविवाहित हैं। योजना के तहत उन्हें आर्थिक सहायता और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर समाज में खुद की पहचान और आजीविका का साधन दिया जा रहा है।
लखपति दीदी योजना: हर जिले में 35,000 महिलाओं को व्यवसाय की राह
Women education and employment scheme Chhattisgarh: इस योजना का मकसद है कि हर जिले में कम से कम 35,000 महिलाओं को प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता दी जाए, जिससे वे लखपति दीदी बन सकें। यह योजना स्वरोजगार और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत पहल है।
बिहान योजना: ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर आर्थिक ताकत देना
Bihaan Yojana: बिहान योजना का उद्देश्य है कि ग्रामीण गरीब महिलाओं को स्व-सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से संगठित किया जाए। इन्हें बैंकिंग सेवाएं, ऋण, बीमा और अन्य वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
मिनीमाता महतारी जतन योजना: प्रसव के बाद आर्थिक सहयोग
जो महिला निर्माण श्रमिक मजदूरी करते हुए गर्भवती होती हैं, उन्हें प्रसव के बाद ₹20,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि उन्हें स्वस्थ रहने और नवजात की देखभाल के लिए दी जाती है। मिनीमाता महतारी जतन योजना से महिला श्रमिकों को राहत मिलती है।
मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना: घर बैठे रोजगार की सुविधा
इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन दी जाती है, ताकि वे घर से ही सिलाई का काम शुरू कर सकें। यह पहल खासकर उन महिलाओं के लिए है, जो घर से बाहर जाकर काम नहीं कर सकतीं, लेकिन आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं।
महिला सशक्तिकरण की ओर ठोस कदम
List of government schemes for women in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ सरकार की ये योजनाएं सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर लागू हो चुकी व्यवस्थाएं हैं। इनका असर गांवों, कस्बों और शहरों में दिख रहा है। महिलाओं की आर्थिक हिस्सेदारी बढ़ रही है और वे फैसले लेने की भूमिका में आ रही हैं। सुशासन और पारदर्शी व्यवस्था के ज़रिए राज्य समृद्धि की ओर बढ़ रहा है।



