
धमतरी: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आज धमतरी जिले के नगरी विकासखंड स्थित दुगली ग्राम में एमएफपी प्रोसेसिंग सेंटर (वन उत्पादक प्रसंस्करण केंद्र) का दौरा किया। राज्यपाल ने इस केंद्र का अवलोकन किया और यहाँ स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों और उनकी आत्मनिर्भरता की जमकर प्रशंसा की।
वनांचल में 22 उत्पादों का हो रहा निर्माण
वनांचल नगरी ब्लॉक में स्थित दुगली का यह केंद्र ग्रामीण आजीविका (Rural Livelihood) के सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण बन गया है। इस केंद्र में एलोवेरा, मूसली, आंवला, शतावर, अर्जुन, तिखुर और माहुल पत्ता जैसे महत्वपूर्ण वनोपजों का उपयोग करके 22 अलग-अलग उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है।

एलोवेरा से बन रहे हर्बल उत्पाद
केंद्र पर बन रहे मुख्य उत्पादों में एलोवेरा से निर्मित शैम्पू, बॉडी वॉश, साबुन, हेयर कंडीशनर, मॉइश्चराइजर, जैल और जूस शामिल हैं। इसके अलावा यहाँ मूसली लड्डू, वज्रदंती हर्बल पाउडर, आंवला जूस, कैण्डी, त्रिफला चूर्ण, अश्वगंधा पाउडर और पारंपरिक दोना-पत्तल जैसे उत्पाद भी बनाए जा रहे हैं। इन उत्पादों के निर्माण से समूह की महिलाओं को गाँव में ही आय का एक मजबूत माध्यम मिला है।

राज्यपाल ने देखी प्रोसेसिंग और पैकेजिंग
राज्यपाल रमेन डेका ने वनधन विकास केंद्र पहुंचकर महिला समूहों द्वारा एलोवेरा उत्पादों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से देखा। उन्होंने महिलाओं के काम की गुणवत्ता और लगन की सराहना की। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक सतोविशा समाजदार ने राज्यपाल को एलोवेरा जैल, तिखुर प्रसंस्करण और दोना-पत्तल बनाने की पूरी विधि विस्तार से समझाई।
दौरे में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्यपाल के साथ सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार, वनमण्डलाधिकारी जाधव श्रीकृष्ण, सीतानदी उदंती अभ्यारण्य के वनमण्डलाधिकारी वरुण जैन, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ अनिल साहू और जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Also Read: धमतरी जिले को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, राष्ट्रपति ने कलेक्टर अभिनाश मिश्रा को किया सम्मानित



