
नवा रायपुर: Rajyotsav 2025: छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर नवा रायपुर राज्योत्सव मेला स्थल पर 1 नवंबर से 5 नवंबर तक पाँच दिवसीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला और संस्कृति को प्राथमिकता दी गई है, जहाँ पद्मश्री से सम्मानित कलाकारों की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी। कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 4 बजे से शुरू होगा।
लोक कला को मंच पर मिलेगी प्रमुखता
राज्योत्सव के मंच पर छत्तीसगढ़ की मिट्टी की महक लिए कई मूर्धन्य कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। महोत्सव में स्थानीय कला और संस्कृति को विशेष महत्व दिया गया है।
| दिनांक | प्रमुख छत्तीसगढ़ी कलाकार | प्रस्तुति का समूह/क्षेत्र |
|---|---|---|
| 1 नवंबर | पी.सी. लाल यादव, दुष्यंत हरमुख, आरु साहू, चंद्रभूषण वर्मा, निर्मला ठाकुर | लोक कला, रंग झरोखा, लोक मंच, पुन्नी के चंदा |
| 4 नवंबर | रेखा देवार, प्रकाश अवस्थी | लोकगीत, लोकमंच |
| 5 नवंबर | पूनम विराट तिवारी | रंग छत्तीसगढ़ |
पद्मश्री विभूतियों की प्रस्तुति रहेगी खास
इस बार राज्योत्सव में विशेष रूप से पद्मश्री से सम्मानित कलाकारों की प्रस्तुति आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी, जो छत्तीसगढ़ की विश्व प्रसिद्ध कलाओं का मंचन करेंगे।
- 2 नवंबर: पद्मश्री डोमार सिंह अपनी प्रसिद्ध केवट नाचा की प्रस्तुति देंगे। उनके साथ सुनील तिवारी (रंग झार), जितेंद्र कुमार साहू (सोनहा बादर), और जयश्री नायर (चिन्हारी द गर्ल्स बैंड ग्रुप) भी होंगे।
- 3 नवंबर: इस दिन पद्मश्री उषा बारले द्वारा विश्व प्रसिद्ध पंडवानी का मंचन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राकेश शर्मा (सूफी गायन), महेंद्र चौहान एंड बैंड और तिलकराजा साहू (लोकधारा) की प्रस्तुति भी होगी।
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय का प्रदर्शन
राज्योत्सव के अंतिम दिन यानी 5 नवंबर को कला और संस्कृति के केंद्र इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। 4 नवंबर को कला केन्द्र रायपुर बैंड भी मंच पर अपनी प्रस्तुति देगा।
बॉलीवुड सितारों से सजेगी हर शाम
राज्योत्सव की हर शाम बॉलीवुड के मशहूर सितारों के नाम रहेगी, जो अपनी गायकी से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे:
| दिनांक | बॉलीवुड कलाकार |
|---|---|
| 1 नवंबर | हंसराज रघुवंशी |
| 2 नवंबर | आदित्य नारायण |
| 3 नवंबर | भूमि त्रिवेदी |
| 4 नवंबर | अंकित तिवारी |
| 5 नवंबर | कैलाश खेर |



