शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में 12 बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी, सभी आदेशों का पालन तय समयसीमा में करना अनिवार्य

रायपुर: छत्तीसगढ़ के नए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पदभार संभालते ही विभाग की पहली बड़ी समीक्षा बैठक की। इस दौरान मंत्री ने योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कड़ा रुख अपनाया और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र जारी

बैठक के बाद शिक्षा विभाग मंत्रालय की ओर से लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र जारी कर 12 बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिए गए। इनमें शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, वित्तीय पारदर्शिता और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी आदेशों का पालन तय समयसीमा में करना अनिवार्य होगा।

शिक्षा की गुणवत्ता होगी प्राथमिकता

निर्देशों में कहा गया है कि 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं की परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए विस्तृत कार्ययोजना 15 दिन में पेश की जाए। इसके अलावा अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार कानून का सख्ती से पालन कराना और विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट को रोकना भी प्राथमिकता में शामिल है।

पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार

खरीद-फरोख्त में गुणवत्ता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। साथ ही संकुल प्राचार्यों के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को स्पष्ट करने के लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए। वर्षों से एक ही शाखा में कार्यरत कर्मचारियों के कार्य आबंटन में बदलाव करने का आदेश भी शामिल है।

मॉडल स्कूल और नई पहलें

बैठक में तय हुआ कि पी.एम. श्री स्कूल, सेजेस, इग्नाइट और मुख्यमंत्री डीएवी स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। हर साल 1000 से 1500 विद्यालयों को मॉडल स्कूल में बदलने की योजना पर काम होगा। साथ ही नए जिलों में जिला ग्रंथालय की स्थापना और बुक बैंक योजना को भी लागू करने पर जोर दिया गया।

समीक्षा बैठक के बाद 12 बिंदुओं पर जारी दिशा-निर्देश

  • 5 वी, 8वी, 10वीं और 12वी के परीक्षा परिणामों में अपेक्षित सुधार के लिए 15 दिन में विभाग के मंत्री के समक्ष एक विस्तृत कार्ययोजना रखें.
    किसी भी प्रकार की खरीदी में सामग्री की गुणवत्ता और भण्डार क्रय नियमों का पालन सुनिश्चित करें.
  • संकुलों के सहभागिता के लिए जिन संकुल प्राचार्यों को आहरण संवितरण अधिकार हैं, उन्हें अपने संकुल का वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार के लिए प्रस्ताव शासन को शीघ्र प्रस्तुत करें.
  • पी.एम.श्री विद्यालय, सेजेस, इग्नाइट विद्यालयों और 72 मुख्यमंत्री डी.ए.व्ही. विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने और प्रतिवर्ष 1000-1500 विद्यालयों को मॉडल विद्यालय विकसित करने एक विस्तृत कार्ययोजना एक महीने में मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करें.
  • प्रत्येक जिले में नवोदय विद्यालय और केन्द्रीय विद्यालय के लिए जमीन की उपलब्धता और अन्य आवश्यक जानकारी सहित प्रस्ताव कलेक्टर से प्राप्त करें. साथ ही प्रत्येक संभाग में सैनिक विद्यालय के लिए प्रस्ताव प्राप्त करें.
  • नए जिलों में जिला ग्रंथालय का बजट प्रस्ताव नवीन मद में रखें. ग्रंथालयों को प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से समृद्ध बनाने कलेक्टर को विस्तृत पत्र लिखें.
    वर्तमान शिक्षा सत्र की पुस्तकों को बुक बैंक योजना अंतर्गत सुरक्षित रखने एक कार्ययोजना 15 दिवस में शासन को प्रस्तुत करें.
  • शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत अशासकीय विद्यालयों में प्रवेशित विद्यार्थियों को इसका लाभ मिले एवं वे ड्रापआउट न हो, इसकी विस्तृत कार्ययोजना मंत्री के समक्ष एक माह में प्रस्तुत करें. परीक्षण कर अशासकीय विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करें.
  • विद्यालय में पालकों से जुड़ाव तथा विद्यार्थियों को प्रेरित करने वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित करने पृथक से एक पत्र जारी करें.
  • अंशकालीन सफाई कर्मचारियों एवं रसोईयों में मानदेय में वृद्धि के लिए आवश्यक बजट का आंकलन कर प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत करें.
  • 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के निःशुल्क कोचिंग की कार्ययोजना 15 दिवस में प्रस्तुत करें. स्मार्ट क्लास रूम का उपयोग सुनिश्चित करने तत्काल एक निर्देश जारी करें.
  • समस्त राज्य स्तरीय / जिला शिक्षा अधिकारी/विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में वर्षों से एक ही शाखा का कार्य देख रहे अधिकारी/कर्मचारियों का कार्य आबंटन नये सिरे से किया जाए. इस सबंध में आवश्यक निर्देश जारी करें.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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