
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल से छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे 7 फरवरी की शाम रायपुर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से सीधे अपने विश्राम स्थल जाने के बाद वे देर रात ही राज्य के बड़े प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इस शुरुआती मुलाकात में प्रदेश की वर्तमान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर ब्रीफिंग ली जाएगी। शाह का यह दौरा राज्य की आंतरिक सुरक्षा और विकास के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों के साथ मंथन
दौरे के दूसरे दिन 8 फरवरी को अमित शाह वामपंथी उग्रवाद (LWE) की स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें केंद्रीय अर्धसैनिक बलों जैसे CRPF, BSF और ITBP के प्रमुखों के साथ छत्तीसगढ़ के डीजीपी और मुख्य सचिव भी मौजूद रहेंगे। बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों में जारी ऑपरेशनों की सफलता और इंटेलिजेंस इनपुट पर चर्चा होगी। सरकार का लक्ष्य नक्सलवाद के खात्मे के लिए सुरक्षा बलों की रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाना है।
विकास कार्यों और कनेक्टिविटी पर जोर
गृह मंत्री केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि बस्तर के विकास कार्यों की भी समीक्षा करेंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में केंद्र सरकार द्वारा संचालित सड़क, संचार, शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति जांची जाएगी। शाह उन इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से पहुंचाने पर जोर देंगे जहां सुरक्षा बल अब अपनी पैठ बना चुके हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद बस्तर में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए कुछ बड़े वित्तीय आवंटन या नई परियोजनाओं की घोषणा भी हो सकती है।
बस्तर पंडूम महोत्सव में होंगे शामिल
दौरे के अंतिम दिन 9 फरवरी को अमित शाह जगदलपुर पहुंचेंगे। यहां वे प्रसिद्ध ‘बस्तर पंडूम’ महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह आयोजन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोककला और परंपराओं का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया जाता है। स्थानीय आदिवासी समुदाय के बीच पहुंचकर शाह केंद्र सरकार की नीतियों का संदेश देंगे। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद वे सीधे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।



