भारत के उपराष्ट्रपति को कितना मिलता है वेतन, जानिए इसबार कौन हैं चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार

नई दिल्ली: Vice Presidential Election: देश में उपराष्ट्रपति का पद संवैधानिक रूप से दूसरा सबसे बड़ा पद माना जाता है। लेकिन यह पद वेतन के लिहाज से थोड़ा अलग है, क्योंकि उपराष्ट्रपति को सीधे वेतन नहीं मिलता, बल्कि राज्यसभा के सभापति होने के नाते उन्हें सैलरी दी जाती है।

कितना मिलता है वेतन और सुविधाएं?

साल 2018 में हुए संशोधन के बाद उपराष्ट्रपति का मासिक वेतन 4 लाख रुपये तय किया गया है। इसके साथ ही उन्हें कई अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं।

  • राजधानी दिल्ली में विशाल और सुसज्जित आधिकारिक आवास
  • दैनिक भत्ता और यात्रा भत्ता
  • परिवार समेत मुफ्त मेडिकल सुविधा
  • 24 घंटे सुरक्षा और निजी स्टाफ
  • सेवानिवृत्ति के बाद वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन

यानी उपराष्ट्रपति न सिर्फ वेतन बल्कि जीवनभर कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ उठाते हैं।

क्यों हो रहा है चुनाव?

21 जुलाई 2024 को जगदीप धनखड़ ने अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 9 सितंबर को चुनाव कराने का ऐलान हुआ। एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्ष ने बी सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है।

कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?

CP Radhakrishnan: 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे सीपी राधाकृष्णन ने 1974 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। बाद में वे भारतीय जनसंघ और फिर भाजपा से जुड़े।

  • 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए।
  • 2004 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  • 2004 से 2007 तक भाजपा तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
  • 2023 में झारखंड के राज्यपाल नियुक्त हुए और बाद में तेलंगाना व पुडुचेरी का अतिरिक्त कार्यभार संभाला।
  • जुलाई 2024 में उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया।

सीपी राधाकृष्णन की संपत्ति

2019 के हलफनामे के अनुसार, सीपी राधाकृष्णन के पास लगभग 67 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें कृषि और गैर-कृषि भूमि, वाणिज्यिक भवन, आवास, नकद और बैंक खातों में जमा राशि शामिल है।

बी सुदर्शन रेड्डी कौन हैं?

B Sudarshan Reddy: बी सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगारेड्डी जिले के एक किसान परिवार में हुआ। हैदराबाद से कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद बी सुदर्शन रेड्डी ने 1971 में वकालत शुरू की।

  • 1988 से 1990 तक आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी वकील रहे।
  • 1993-94 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने।
  • 1995 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जज नियुक्त हुए।
  • 2005 में गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
  • 2007 से 2011 तक सुप्रीम कोर्ट के जज रहे।
  • 2013 में गोवा के लोकायुक्त बने, लेकिन कुछ महीनों बाद निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया।

क्या होगी इस चुनाव की खासियत?

उपराष्ट्रपति चुनाव में अक्सर सत्तारूढ़ दल की स्थिति मजबूत रहती है, लेकिन इस बार विपक्ष ने भी सुदर्शन रेड्डी जैसे वरिष्ठ न्यायविद को उम्मीदवार बनाकर मुकाबला रोचक कर दिया है। नतीजा 9 सितंबर को सामने आएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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