
CG Legislative Assembly Budget session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आठवां दिन हंगामेदार रहने के आसार हैं। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। आज प्रश्नकाल के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन को विधायकों के कड़े सवालों का सामना करना होगा। चर्चा के केंद्र में स्काउट गाइड जंबूरी के टेंडर में कथित अनियमितता, स्वामी आत्मानंद स्कूलों की बदहाली और रसोइयों के रुके हुए मानदेय जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं।
रोवर रेंजर जंबूरी में ‘चहेतों’ को फायदा? विधायक उमेश पटेल का बड़ा हमला
पूर्व मंत्री और विधायक उमेश पटेल ने बालोद में आयोजित स्काउट गाइड के ‘रोवर रेंजर जंबूरी’ कार्यक्रम के खर्चों पर सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि इस भव्य आयोजन में किस फर्म को कितना भुगतान किया गया और टेंडर प्रक्रिया की शर्तें क्या थीं। पटेल का सीधा आरोप है कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने मंत्री से पूछा है कि क्या विभाग को इस धांधली की कोई लिखित शिकायत मिली है और यदि हां, तो उस पर अब तक क्या एक्शन लिया गया।
स्वामी आत्मानंद स्कूलों पर संकट: चरणदास महंत ने मांगी नर्सरी कक्षाओं की जानकारी
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश के फ्लैगशिप प्रोजेक्ट ‘स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल’ की वर्तमान स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा है कि प्रदेश में कुल कितने आत्मानंद स्कूल चल रहे हैं और इनमें से कितनों में प्री-प्रायमरी (नर्सरी, केजी-1, केजी-2) की कक्षाएं बंद हो गई हैं। महंत ने जिलेवार आंकड़ों की मांग करते हुए पूछा है कि जब नर्सरी शिक्षा की स्वीकृति दी गई थी, तो अब ये कक्षाएं क्यों नहीं चल पा रही हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार की बेरुखी से अंग्रेजी माध्यम की बुनियादी शिक्षा ठप हो रही है।
धनवंतरी मेडिकल स्टोर का आवंटन: राजेश मूणत ने पूछा- कौन थे विशेषज्ञ?
विधायक राजेश मूणत ने सस्ती दवाओं के लिए शुरू किए गए श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स के आवंटन की प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री अरुण साव से सवाल किया कि इन स्टोर्स को किन नियमों के तहत आवंटित किया गया और क्या इन्हें चलाने वाले लोग मेडिकल फील्ड के विशेषज्ञ थे? मूणत ने आवंटन में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाते हुए पूरी चयन प्रक्रिया का ब्यौरा मांगा है। इस मुद्दे पर नगरीय प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखी बहस होने की उम्मीद है।
अवैध शराब और मिलावट का मुद्दा: शकुंतला सिंह पोर्ते ने सरकार को घेरा
आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार और शराब में मिलावट का मामला भी आज सदन में गूंजा। विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने पिछले दो वित्तीय वर्षों और अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक मिली शिकायतों का ब्यौरा मांगा। उन्होंने पूछा कि अवैध शराब निर्माण और देशी-विदेशी मदिरा में मिलावट की कितनी शिकायतें शासन के पास आईं और कितने मामलों में एफआईआर या कड़ी कार्रवाई की गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने विभाग का पक्ष रखते हुए की गई कार्यवाहियों की जानकारी सदन के पटल पर रखी।
रसोइयों और सफाईकर्मियों का मानदेय: 2000 रुपये में गुजारा कैसे?
विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने शिक्षा विभाग में कार्यरत सफाईकर्मियों और मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों की दयनीय स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि रसोइयों को आज भी महज 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। सरकार बनने के बाद सफाईकर्मियों के वेतन में केवल 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि रसोइयों के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। सिंह ने पूछा कि बढ़ती महंगाई के बीच इन कर्मचारियों का वेतन कब बढ़ाया जाएगा? इस सवाल पर सदन में विपक्षी सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की और सरकार को गरीब विरोधी बताया।



