
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं के लिए यह खबर अत्यंत आवश्यक है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना का लाभ लेने वाली करीब 4 लाख 18 हजार 631 महिलाओं ने अभी तक अपना e-KYC नहीं कराया है। चूंकि योजना की राशि सीधे खातों में जमा की जाती है, इसलिए इन महिलाओं की पहचान नहीं हो पाने के कारण उनकी 23वीं किस्त के पैसे अटक सकते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लाभ जारी रखने के लिए महिलाओं को जल्द से जल्द यह काम करा लेना चाहिए।
पहचान सुनिश्चित करने के लिए KYC कराना अनिवार्य
Mahtari Vandan Yojana KYC: महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने पात्र महिलाओं को ₹1000 की किस्त जारी की जा रही है। हालांकि, बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा e-KYC नहीं कराए जाने से उनकी पहचान पुष्ट नहीं हो पा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि खाद्य विभाग की ओर से कराई गई KYC के बाद यह पता चला है कि कई हितग्राही महिलाएं ऐसी हैं, जो इस योजना के साथ-साथ अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले रही हैं। इस दोहरी पहचान को व्यवस्थित करने और योजना की रकम सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचे यह सुनिश्चित करने के लिए e-KYC कराना अनिवार्य है।
ग्राम पंचायत और वार्डों में करा सकते हैं केवाईसी
जिन महिलाओं ने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, वे जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। महिलाएं अपने निकटतम ग्राम पंचायत केंद्र और वार्डों में जाकर यह केवाईसी करा सकती हैं। यह प्रक्रिया उनकी पहचान को पुख्ता करेगी और बिना किसी बाधा के उन्हें योजना का लाभ मिलता रहेगा। लापरवाही करने पर अगली किस्त रुक सकती है।
मुख्यमंत्री ने जारी की थी 22वीं किस्त
हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 22वीं किस्त जारी की थी। उन्होंने प्रदेश की 67 लाख 78 हजार 674 महिलाओं के खाते में 22वीं किस्त के रूप में कुल 633.89 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। इस योजना के तहत हर महीने पात्र महिलाओं को ₹1000 की राशि दी जाती है।



