
बिलासपुर- CG Job Fraud Case: बिलासपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। दुर्ग और अंबिकापुर के दो आरोपियों ने कई बेरोजगारों से करीब 50 लाख रुपये वसूल लिए। आरोपियों ने अपने आप को CM हाउस में पदस्थ अधिकारी बताकर लोगों को नौकरी का झांसा दिया। इस झांसे में फंसे बेरोजगारों ने इन्हें रुपये दिए, मगर नौकरी मिलने के बजाय फर्जी नियुक्ति पत्र थमाए गए। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ितों ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है।
आरोपियों ने की कई बेरोजगारों से रकम वसूली
CM House job scam: मोनिषा सिंह ने बताया कि उनका परिचय सुरेश साहू और खिलेश्वरी साहू के जरिए दुर्ग की प्रिया देशमुख और अंबिकापुर के रजत गुप्ता से हुआ था। प्रिया स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी हैं, जबकि रजत खुद को CM हाउस का अधिकारी बताते थे। दोनों आरोपियों ने मोनिषा समेत संतोष कुमार, गौतम बाई, आकाश शर्मा, ज्योतिष और श्यामादेवी से अलग-अलग किश्तों में नौकरी दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये वसूले। ये पैसे नकद, बैंक ट्रांसफर और रिश्तेदारों के माध्यम से दिए गए।
पैसों के लेन-देन के लिए बिलासपुर के विभिन्न इलाकों का सहारा
शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच चंदेला नगर, रजिस्ट्री ऑफिस, तितली चौक और गांधी चौक सहित बिलासपुर के कई इलाकों में जाकर पैसों की वसूली की। इसके अलावा दुर्ग में भी उन्हें बुलाकर रकम ली गई। बेरोजगारों ने नौकरी की आस में जमीन, जेवर और कर्ज तक देकर यह रकम दी, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिली।

फर्जी नियुक्ति पत्र मिलने पर पुलिस में शिकायत, धोखाधड़ी का केस दर्ज
fake joining letter: जब पीड़ितों को पता चला कि नियुक्ति पत्र नकली है और नौकरी का कोई ठिकाना नहीं, तो उन्होंने सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए छानबीन जारी है। यह घटना बेरोजगार युवाओं के लिए एक चेतावनी भी है कि वे नौकरी के लिए आधिकारिक और भरोसेमंद माध्यमों का ही सहारा लें।



