
धमतरी जिले के कुरुद और मगरलोड क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन खुशियों की नई सौगात लेकर आया। कुरुद विधायक अजय चंद्राकर की विशेष पहल पर भालूझूलन और करेलीबड़ी में नए औद्योगिक क्षेत्रों का भूमिपूजन संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक कदम से स्थानीय युवाओं के उन सपनों को बल मिलेगा जो रोजगार की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर थे। अब कुरुद की माटी में ही उद्योगों का जाल बिछेगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास की नई इबारत लिखी जाएगी।
करोड़ों की लागत से संवरेगा क्षेत्र का भविष्य
छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) द्वारा भालूझूलन में 11 हेक्टेयर और करेलीबड़ी में 14 हेक्टेयर भूमि पर अधोसंरचना का विकास किया जाएगा। लगभग 16.61 करोड़ रुपये की कुल लागत से बनने वाले इन औद्योगिक क्षेत्रों में 75 से अधिक भूखंड विकसित होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि सरकार का लक्ष्य निवेशकों को ऐसा वातावरण देना है जिससे वे निडर होकर निवेश करें और स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग हो सके।
ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मार्ग
विधायक अजय चंद्राकर ने भावुक संबोधन में कहा कि इन उद्योगों के आने से केवल फैक्ट्रियां नहीं लगेंगी, बल्कि चूल्हा-चौका संभालने वाली ग्रामीण महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता के द्वार खुलेंगे। महिलाएं कैंटीन, सेवा क्षेत्र और लघु व्यवसायों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय आईटीआई से प्रशिक्षित युवाओं को अब अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर मजबूती प्रदान करेगी।
उद्योगों से बदलेगी गांव की सूरत
इन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना से केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि सड़कों, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तार होगा। भालूझूलन और करेलीबड़ी जैसे ग्रामीण अंचलों में लघु और मध्यम उद्योगों के आने से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। जनप्रतिनिधियों ने इस कदम को कुरुद-मगरलोड के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताया है। आने वाले समय में यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नक्शे पर चमकते हुए सितारे की तरह उभरेगा।



