
धमतरी: Gangrel Dam Dhamtari: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश से जल स्रोतों में अच्छी आवक देखी जा रही है। प्रदेश के सबसे बड़े जलाशयों में शामिल रविशंकर सागर परियोजना (गंगरेल बांध) में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। 32 टीएमसी क्षमता वाले इस बांध में अब तक 16 टीएमसी यानी लगभग 50 प्रतिशत पानी भर चुका है।
पिछले सप्ताहभर से रुक-रुककर हो रही बारिश का असर खेत-खलिहान, तालाब, नालों के साथ-साथ बांधों के जलस्तर पर भी नजर आ रहा है। गंगरेल के जलग्रहण क्षेत्र चारामा, भानुप्रतापपुर और कांकेर में हो रही अच्छी बारिश के कारण गंगरेल बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में यहां 18,177 क्यूसेक पानी प्रति घंटा की दर से आ रहा है और अब तक बांध में 43.9 प्रतिशत पानी भर चुका है।

रविशंकर परियोजना के अधीक्षण अभियंता श्री कपिल मित्तल ने बताया कि अगर इसी तरह बारिश जारी रही तो अगले 8 से 10 दिनों में गंगरेल बांध पूरी क्षमता से भर सकता है। उन्होंने कहा, “कैचमेंट में अच्छी बारिश हो रही है, जिससे आवक बनी हुई है। हमारी पूरी नजर बांध की स्थिति पर है।”
अन्य बांधों की स्थिति
धमतरी जिले के अन्य प्रमुख बांधों में भी जलस्तर में सुधार देखने को मिला है:
- माड़मसिल्ली बांध: क्षेत्र में 23 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे 556 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है।
- सोंदूर बांध: 57 मिमी बारिश के कारण 528 क्यूसेक पानी की आवक हुई है।
- दुधावा बांध: 52 मिमी वर्षा के साथ 331 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज हुई है।
- गंगरेल बांध क्षेत्र: 36 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जिससे जलग्रहण क्षेत्र से लगातार भारी मात्रा में पानी आ रहा है।
गंगरेल में बढ़ी पर्यटकों की रौनक:
गंगरेल बांध में जलस्तर बढ़ने के साथ ही पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार गंगरेल बांध में बारिश के मौसम में लोगों का आकर्षण तेजी से बढ़ा है।
यहां पर्यटकों के लिए मोटर बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है, साथ ही समीप ही धार्मिक आस्था का केंद्र मां अंगारमोती मंदिर स्थित है। खासकर शनिवार और रविवार को दूरदराज से बड़ी संख्या में पर्यटक गंगरेल बांध की ओर रुख करते हैं। हाल ही में, 6 जुलाई (रविवार) को सैकड़ों पर्यटक गंगरेल पहुंचे और बारिश के बीच प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।



