
Rajnandgaon News: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ ब्लॉक से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कटली गांव स्थित सरकारी कंपोजिट शराब दुकान से खरीदी गई देसी शराब की बोतल (पौवा) के अंदर एक जिंदा कीड़ा तैरता हुआ पाया गया। गनीमत रही कि शराब खरीदने वाले शख्स ने ढक्कन खोलने से पहले बोतल को गौर से देख लिया और तुरंत इसका वीडियो बना लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सरकारी शराब की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सियासत गरमाई: विधायक ने सरकार को घेरा
इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। स्थानीय विधायक ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव से पहले शराबबंदी का वादा करने वाली सरकार अब घर-घर शराब पहुंचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नई-नई आबकारी नीतियां तो ला रही है, लेकिन बोतलों में कीड़े मिलना यह दर्शाता है कि आम जनता को सीधा जहर परोसा जा रहा है। विधायक ने इसे सुशासन के बजाय कुशासन करार देते हुए गुणवत्ता जांच की मांग की है।
जिम्मेदारी से बचता आबकारी विभाग
हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई करने के बजाय आबकारी विभाग के अधिकारी पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। डोंगरगढ़ के आबकारी उपनिरीक्षक अनिल सिंह ने तर्क दिया कि वीडियो का बैकग्राउंड उनकी किसी दुकान का नहीं लग रहा है। जब मीडिया ने बोतल पर लगे होलोग्राम और क्यूआर कोड से जांच करने की बात कही, तो अधिकारी ने उल्टा पत्रकारों को ही वह बोतल ढूंढकर लाने की नसीहत दे डाली। विभाग का यह अड़ियल रवैया जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश जैसा लग रहा है।
पुराना है लापरवाही का नाता
डोंगरगढ़ आबकारी विभाग पहले भी विवादों में रह चुका है। इससे पहले ग्राम करवारी में भारी मात्रा में अवैध शराब डंप करने के मामले में भी विभाग की भूमिका संदिग्ध रही थी, जिसके चलते तत्कालीन प्रभारी को सस्पेंड किया गया था। बार-बार सामने आ रही इन गड़बड़ियों ने विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले में जांच के आदेश देते हैं या फिर आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले दोषियों को अभयदान मिल जाएगा।



