
Mahtari Vandana Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि के वितरण में अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं। योजना के अंतर्गत 69 लाख से अधिक पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाते हैं, लेकिन कई हितग्राही महिलाओं का कहना है कि उनके खाते में राशि अनियमित रूप से आ रही है। कुछ महिलाओं को तीन महीने से राशि नहीं मिली है, जबकि कई को उपराष्ट्रपति द्वारा राजनांदगांव से अंतरित की गई नवंबर माह की किश्त भी नहीं मिली है।
वेबसाइट ठप्प, केवाईसी अपडेट में भारी परेशानी
योजना से जुड़ी महिलाओं ने शिकायत की है कि वे अपने खातों की स्थिति विभागीय वेबसाइट पर जाँच नहीं कर पा रही हैं, क्योंकि वेबसाइट अक्सर बंद रहती है। कई हितग्राही महिलाओं को ई-केवाईसी अपडेट कराने का मैसेज भी आ रहा है, लेकिन साइट खोलने पर वह ओपन नहीं हो रही है। महिलाओं का कहना है कि साइट में सिर्फ फरवरी 2024 से संबंधित जानकारी के साइड विंडो ही खुलते हैं, जिससे उन्हें अपनी वर्तमान स्थिति जानने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत के लिए कंट्रोल रूम का नंबर भी ‘स्विच ऑफ’
योजना से जुड़ी अनियमितताओं और तकनीकी समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने या जानकारी लेने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी किया गया पूछताछ केंद्र (कंट्रोल रूम) का नंबर भी काम नहीं कर रहा है। हितग्राही महिलाओं ने शिकायत की है कि रायपुर कंट्रोल रूम का नंबर 7247753212 डायल करने पर वह लगातार स्विच ऑफ बताता है, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं को लेकर विभाग से संपर्क करने में कोई मदद नहीं मिल पा रही है।
4 लाख से अधिक महिलाओं का ई-केवाईसी लंबित
रिपोर्ट के अनुसार, योजना की 4.18 लाख से अधिक पात्र महिलाओं ने अभी तक अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं करवाया है, जिसके कारण उनके खातों में राशि जमा होने में दिक्कतें आ रही हैं। इस समस्या को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों को यह निर्देश जारी किया था कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर सभी महिलाओं का केवाईसी जल्द से जल्द पूरा करवाएँगी।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी घर-घर नहीं जा रहीं
हितग्राही महिलाओं की शिकायत है कि विभाग के निर्देशों के बावजूद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी उनके घर-घर जाकर केवाईसी पूरा करने के लिए नहीं आ रही हैं। एक तरफ जहां वेबसाइट और कंट्रोल रूम का नंबर बंद है, वहीं दूसरी तरफ फील्ड स्तर पर भी कर्मचारियों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है, जिससे केवाईसी लंबित होने के कारण महिलाएं सरकारी आर्थिक सहायता से वंचित हो रही हैं।



