
कुरूद: कुरूद विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई और जल प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से विधायक अजय चंद्राकर के प्रयासों से एक महत्वपूर्ण परियोजना का शुभारंभ किया गया। ग्राम चरमुड़िया में महानदी मुख्य नहर पर ₹4.29 करोड़ की लागत से बनने वाले क्रॉस रेगुलेटर और अन्य सुरक्षात्मक निर्माण कार्यों का विधिवत शुभारंभ विधायक अजय चंद्राकर द्वारा किया गया। यह परियोजना क्षेत्र की जल आपूर्ति और कृषि व्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ पहुँचाने के लिए शुरू की गई है।

सुदृढ़ होगी सिंचाई और पेयजल व्यवस्था
इस महत्वपूर्ण परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर विधायक अजय चंद्राकर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्य आगामी वर्षों में कुरूद क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा। उन्होंने जोर दिया कि इससे केवल खेती को ही नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों को सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन की यह पहल क्षेत्र के कृषि उत्पादन को एक नई गति प्रदान करेगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
कुरुद अंचल को मिलेगा लाभ
इस क्रॉस रेगुलेटर परियोजना से कुरूद विधानसभा क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण लाभ होंगे। यह नया निर्माण महानदी मुख्य नहर में जल प्रवाह को नियंत्रित करने में सहायक होगा, जिससे नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुँचाना सुनिश्चित हो सकेगा। जल का कुशल वितरण सुनिश्चित होने से फसलों की सिंचाई समय पर हो सकेगी और जल की बर्बादी भी कम होगी। इसके अतिरिक्त, सुरक्षात्मक निर्माण कार्य नहर के किनारों को मजबूती देंगे, जिससे भविष्य में कटाव और रिसाव की समस्या कम होगी।

दूरदर्शी सौगात के लिए मुख्यमंत्री का आभार
विधायक अजय चंद्राकर ने कुरूद क्षेत्रवासियों की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति कोटि-कोटि आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस परियोजना को दूरदर्शी और जनकल्याणकारी सौगात बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग और मार्गदर्शन से ही यह महत्वपूर्ण कार्य धरातल पर उतर सका है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस पहल से कुरूद क्षेत्र जल संसाधन के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा।
क्षेत्र में खुशी का माहौल, बढ़ी किसानों की उम्मीद
क्रॉस रेगुलेटर के निर्माण कार्य का शुभारंभ होने से कुरूद विधानसभा क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से बेहतर सिंचाई सुविधा की मांग कर रहे किसानों को अब उम्मीद है कि सूखे की स्थिति में भी उन्हें पर्याप्त पानी मिल सकेगा। यह परियोजना क्षेत्र के विकास और किसानों की आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।



