CG Jal Mitra Bharti 2026: छत्तीसगढ़ के गावों में 20 हजार ‘जल मित्र’ की होगी भर्ती, स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार, जानें क्या है सरकार का मेगा प्लान

CG Jal Mitra Bharti 2026: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल की किल्लत को दूर करने और जल जीवन मिशन के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के गांवों में बिछाई गई पाइपलाइन और नल कनेक्शनों के रख-रखाव के लिए कुल 20 हजार ‘जल मित्र’ नियुक्त किए जाएंगे। इस योजना के जरिए जहां एक तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी खराबी के कारण ठप होने वाली पानी की सप्लाई को तुरंत सुधारा जा सकेगा, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार का एक नया जरिया मिलेगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाते हुए अब तक दो हजार से अधिक युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण भी दे दिया है।

5 हजार से ज्यादा गांवों में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन, अब रख-रखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे युवा

CG Jal Jeevan Mission: राज्य में जल जीवन मिशन के तहत अब तक ग्रामीण परिवारों तक पानी पहुंचाने का काम बड़े पैमाने पर किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कुल 49.95 लाख ग्रामीण परिवारों में से लगभग 83.30 प्रतिशत घरों को सीधे नल कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही प्रदेश के पांच हजार से अधिक गांव ऐसे हैं, जहां हर घर में शत-प्रतिशत स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। अब इतनी बड़ी पाइपलाइन और वाटर सप्लाई चेन को भविष्य में सुचारू रूप से चालू रखने के लिए ही सरकार हर गांव में एक-एक जल मित्र की तैनाती करने जा रही है ताकि मामूली खराबी के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय पर निर्भर न रहना पड़े।

ग्राम पंचायतों के अधीन काम करेंगे जल मित्र, सरपंच के माध्यम से हर महीने मिलेगा मानदेय

वर्तमान में छत्तीसगढ़ के लगभग आठ हजार गांवों में पानी की टंकियों और पाइपलाइन का काम पूरी तरह मुकम्मल हो चुका है। इन जगहों पर जल मित्रों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नियुक्त होने वाले इन युवाओं को पूरी तरह से स्थानीय ग्राम पंचायतों के नियंत्रण में रहकर काम करना होगा। जल मित्रों के मासिक मानदेय के भुगतान की व्यवस्था भी स्थानीय सरपंच और पंचायत सचिव के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। इससे गांवों में पंचायती राज व्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं को अपने ही गृह ग्राम में आजीविका चलाने का एक बेहतर अवसर हासिल होगा।

बस्तर के संवेदनशील इलाकों के लिए विशेष खाका, केंद्र सरकार से मांगी 1,300 करोड़ की मदद

भौगोलिक रूप से कठिन और माओवादी हिंसा से प्रभावित सुदूर वनांचलों में स्वच्छ पानी पहुंचाना राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। बस्तर संभाग और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार से 1,300 करोड़ रुपये के विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की है। इस भारी-भरकम राशि की मदद से बस्तर के अंदरूनी इलाकों में कुल 70 बड़ी समूह जल प्रदाय योजनाएं (ग्रुप वाटर सप्लाई स्कीम्स) शुरू करने की तैयारी है। इस विशेष प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से तीन हजार से अधिक अति-संवेदनशील गांवों के घरों तक साफ पानी की पहुंच आसान हो जाएगी।

वाटर टेस्टिंग और प्लंबिंग का मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचा सुधारने की कवायद

जल मित्र योजना के तहत चुने जाने वाले ग्रामीण युवाओं को केवल रख-रखाव का काम ही नहीं करना होगा, बल्कि उन्हें पानी की शुद्धता जांचने और तकनीकी बारीकियों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन युवाओं को प्लंबिंग, फिटिंग, मोटर रिपेयरिंग और जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए वाटर टेस्टिंग किट का उपयोग करना सिखाया जा रहा है। सरकार की इस दूरगामी कवायद से ग्रामीण अंचलों में जल जनित बीमारियों के प्रकोप में भारी कमी आने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीणों का स्वास्थ्य बेहतर होगा और सरकारी संसाधनों का भी सही प्रबंधन हो सकेगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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