जगदलपुर में भूस्खलन से ठप कोरापुट-किरंदुल रेललाइन 48 घंटे बाद बहाल, ट्रेनों की रफ्तार पर अब भी असर

जगदलपुर में दो जुलाई की सुबह जराटी और मल्लिगुड़ा स्टेशनों के बीच भारी भूस्खलन हुआ था, जिससे कोरापुट-किरंदुल रेललाइन पूरी तरह ठप हो गई थी। पहाड़ से गिरे विशाल पत्थरों और मिट्टी के कारण ट्रैक पर करीब 25 हजार क्यूबिक मीटर मलबा जमा हो गया था। ईस्ट कोस्ट रेलवे ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और 16 भारी मशीनों और 300 से ज्यादा कर्मचारियों की मदद से दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद ट्रैक को बहाल कर दिया गया है।

अभी भी ओएचई और सिग्नलिंग का काम जारी, रफ्तार धीमी

Jagdalpur News: हालांकि ट्रैक से मलबा हटा लिया गया है और कुछ ट्रेनें शुरू हो चुकी हैं, लेकिन ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक उपकरण) और सिग्नलिंग का काम अब भी जारी है। इसके चलते कई ट्रेनें या तो रद्द हैं या आंशिक रूप से चलाई जा रही हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

DRM और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चला रेस्क्यू ऑपरेशन

CG Landslide Update: मौके पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और DRM खुद मौजूद रहे और काम की निगरानी की। लगातार बारिश की वजह से मलबा हटाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीम ने दिन-रात मेहनत कर ट्रैक को फिर से चालू कर दिया। रेलवे ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है क्योंकि इतनी जल्दी ट्रैक बहाल करना आसान नहीं था।

जल्द ही सामान्य होगा रेल संचालन, यात्रियों से सतर्क रहने की अपील

CG Railway Alert: रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आने वाले कुछ दिनों में ओएचई और सिग्नलिंग का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद रेल संचालन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा और सभी ट्रेनें पूर्ववत चलने लगेंगी। कोरापुट-किरंदुल रेललाइन बस्तर क्षेत्र के लिए न केवल यातायात बल्कि खनिज परिवहन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यात्रियों से आग्रह किया गया है कि यात्रा से पहले रेलवे की वेबसाइट या हेल्पलाइन से जानकारी जरूर लें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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