कुरुद की एनु बनीं ‘स्कूटी दीदी’ गांव की गलियों से निकली आत्मनिर्भरता की कहानी”, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने की सराहना, सीएम साय ने भी कही ये बात

धमतरी: हर सुबह जब उमरदा गांव की गलियों से एक स्कूटी गुजरती है, तो सिर्फ एक महिला सवारी नहीं कर रही होती—बल्कि उसके साथ-साथ दौड़ रहा होता है उम्मीद, हौसला और बदलाव का सपना। ये स्कूटी चला रही हैं एनु—जिन्हें अब पूरा इलाका ‘स्कूटी दीदी’ कहकर जानता है।

सपनों की उड़ान, सीमित संसाधनों में

Scooty Didi Enu: एनु का जन्म एक सामान्य किसान परिवार में हुआ, जहां लड़कियों की शिक्षा को लेकर सीमित सोच थी। लेकिन एनु की सोच बिल्कुल अलग थी—उन्होंने न सिर्फ पढ़ाई की, बल्कि अर्थशास्त्र में एम.ए. कर दिखाया। पर एनु जानती थीं कि सिर्फ डिग्री ही काफी नहीं—कौशल भी चाहिए। यहीं से शुरू हुआ उनका असली सफर।

जब सीखी सिलाई, तब बुना आत्मनिर्भरता का सपना

Umarda Village: छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया और एक लाख रुपये का ऋण लेकर अपनी पहली पहल की। उन्होंने ना केवल इस राशि से अपने पांव पर खड़ा होना सीखा, बल्कि समय पर ऋण चुकाकर एक मिसाल भी कायम की—कि सशक्त महिला समाज पर बोझ नहीं, उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है।

“लड़की होकर ड्राइविंग?” और फिर बदली सोच

Kurud News: एनु का अगला कदम था स्कूटी चलाना। जब उन्होंने ड्राइविंग सीखी और गांव-गांव महिलाओं को जागरूक करने निकल पड़ीं, तो लोगों ने ताना मारा—“लड़की होकर गाड़ी चलाएगी?” लेकिन एनु रुकी नहीं। धीरे-धीरे वे हर गांव में महिलाओं के लिए उम्मीद बन गईं।

महिलाओं के लिए खोला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र

Two Wheeler Training Center Kurud: 2023 में एनु ने “महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र” की शुरुआत की। पहले सिर्फ 2 महिलाएं थीं, आज 30 से ज्यादा महिलाएं स्कूटी चलाना सीख चुकी हैं और खुद स्कूल, बैंक, अस्पताल जैसे जरूरी जगहों तक निर्भरता के बिना जा रही हैं। एनु ने महिलाओं के भीतर न सिर्फ आत्मविश्वास पैदा किया, बल्कि गांव की सोच भी बदल दी।

सम्मान ही नहीं, बदलाव की पहचान बनीं एनु

Anu Ki Kahani: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है। एनु के काम की सराहना भारत सरकार की ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा और धमतरी कलेक्टर अभिनाश मिश्रा ने खुद उनसे मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्हें कई मंचों पर सम्मानित किया गया।

भविष्य की राह: ड्राइविंग स्कूल और हजारों महिलाओं की उड़ान

Driving School Kurud: अब एनु का अगला सपना है—चारपहिया ड्राइविंग स्कूल की स्थापना, जिससे हजारों महिलाएं आत्मनिर्भरता की अगली मंज़िल तक पहुंच सकें। सिलाई, LED निर्माण, मनरेगा और घरेलू कौशलों में भी वे महिलाओं को प्रशिक्षित करने का काम कर रही हैं

एनु का महिलाओं संदेश

“हर महिला के भीतर एक चिंगारी है, बस उसे भरोसे की हवा चाहिए। मैंने सिर्फ उसे हवा देने की कोशिश की है। आज महिलाएं स्कूटी चला रही हैं, कल वे ज़िंदगी की गाड़ी खुद संभालेंगी।”

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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