
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से ठीक पहले कांग्रेस ने अपनी विधायी टीम में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने बस्तर के कद्दावर नेता और अनुभवी विधायक लखेश्वर बघेल को उपनेता प्रतिपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इस नियुक्ति के जरिए कांग्रेस ने बस्तर क्षेत्र और आदिवासी वोट बैंक को साधने का स्पष्ट संदेश दिया है। इसके साथ ही सदन में अनुशासन और रणनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए अन्य अहम पदों पर भी नियुक्तियां की गई हैं, ताकि सत्ता पक्ष के खिलाफ विपक्षी हमलों को और अधिक धार दी जा सके।
सदन में सरकार को घेरने के लिए नई टीम का गठन
कांग्रेस ने केवल उपनेता प्रतिपक्ष ही नहीं, बल्कि सदन के भीतर विधायी कार्यों के सुचारू संचालन के लिए ‘व्हिप’ टीम का भी एलान किया है। पार्टी की नई रणनीतिक टीम में शामिल प्रमुख नाम और उनकी जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं:
- लखेश्वर बघेल: उपनेता प्रतिपक्ष (सदन में नेता प्रतिपक्ष के सहयोगी के तौर पर मुख्य भूमिका)।
- दलेश्वर साहू: चीफ व्हिप (सदन में पार्टी विधायकों के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की जिम्मेदारी)।
- दिलीप लहरिया: डिप्टी व्हिप (विधायी कार्यों में समन्वय हेतु सहायक)।
बजट सत्र की रणनीति के लिए राजीव भवन में अहम बैठक
23 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र के लिए कांग्रेस ने अपनी कमर कस ली है। सत्र के पहले दिन शाम 4:00 बजे रायपुर के राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित सभी विधायक शामिल होंगे। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु कानून-व्यवस्था, जनहित के मुद्दे और वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किए जाने वाले आगामी बजट पर सरकार को घेरने की योजना तैयार करना है।

बजट सत्र 2026: कांग्रेस के लिए पहला बड़ा इम्तिहान
इस नई टीम के सामने साय सरकार को सदन में चुनौती देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वे विभिन्न मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार की घेराबंदी करेंगे। आगामी सत्र की महत्वपूर्ण तिथियां और विवरण नीचे दिए गए हैं:
- सत्र का आगाज: 23 फरवरी 2026 से विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी।
- विधायक दल की बैठक: 23 फरवरी, शाम 4:00 बजे (राजीव भवन, रायपुर)।
- बजट प्रस्तुति: 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी राज्य का वार्षिक बजट पेश करेंगे।
- विपक्ष का एजेंडा: कानून-व्यवस्था, आर्थिक रोडमैप और जनहित के लंबित मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव लाना।



