रायपुर में बवाल: मुस्लिम वकील ने हिंदुओं को लेकर कह दी ऐसी बात की भड़के हिंदू संगठनों ने घेरा थाना, FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट ने शहर का सांप्रदायिक माहौल गरमा दिया है। राजातालाब इलाके के रहने वाले एक मुस्लिम वकील द्वारा हिंदू धर्म और देवी-देवताओं को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। विवाद इतना बढ़ा कि भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर दिया। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी वकील के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन इलाके में अब भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

वकील की विवादित पोस्ट से भड़का आक्रोश

जानकारी के मुताबिक, पेशे से वकील अंजुम खान ने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर रमजान की मुबारकबाद देते हुए एक जहरीली टिप्पणी लिख दी। आरोप है कि वकील ने हिंदू आस्था का मजाक उड़ाते हुए लिखा कि “ये लोग इबादत क्या जानें” और हिंदुओं के लिए ‘काफिर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। जैसे ही यह स्टेटस वायरल हुआ, लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो गईं और इसे लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए।

थाने के बाहर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी

घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। रविवार, 15 मार्च को बड़ी संख्या में युवा और संगठन के पदाधिकारी सिविल लाइन थाने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर जमकर नारेबाजी की और आरोपी वकील की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शांतिपूर्ण शहर में इस तरह की बयानबाजी जानबूझकर वैमनस्य फैलाने की कोशिश है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

“हिंदू आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं”: संगठन

शिकायतकर्ता तुलेश यादव और अन्य कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 14 मार्च को यह आपत्तिजनक पोस्ट देखी थी। उनका आरोप है कि अंजुम खान ने एक वकील होने के बावजूद कानून और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया है। हिंदू संगठनों ने दो टूक कहा कि देश में रहकर बहुसंख्यक समाज की आस्था को ठेस पहुंचाना और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिस पर कड़ी कानूनी चोट होनी चाहिए।

पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपी की तलाश तेज

हिंदू संगठनों के कड़े रुख को देखते हुए रायपुर पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी अंजुम खान के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को भड़काने और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

राजातालाब इलाके में पुलिस का पहरा

विवादित टिप्पणी और थाने के घेराव के बाद राजातालाब और सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। आला अफसरों ने पुलिस बल को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट साझा न करें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।

क्या आप यह जानना चाहते हैं कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने पर किन धाराओं के तहत सजा का प्रावधान है या इस मामले में पुलिस ने अब तक किसी को हिरासत में लिया है?

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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