Leopard Inside House MCB: घर के छज्जे पर शान से बैठा था खूंखार तेंदुआ: देखते ही परिजनों के उड़ गए होश, पुरे गांव में भारी दहशत

छत्तीसगढ़ के नवनियुक्त जिले मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व से सटे एक गांव में खूंखार तेंदुआ अचानक रिहायशी मकान के भीतर दाखिल हो गया। सुबह-सुबह जब घर के सदस्य अपने काम में व्यस्त थे, तभी उनकी नजर दीवार पर बने सेल्फ (अलमारी) पर पड़ी, जहां तेंदुआ बड़े आराम से बैठा हुआ था। इस मंजर को देखते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में लोग जान बचाकर घर से बाहर की ओर भागे। देखते ही देखते पूरे मोहल्ले में शोर मच गया और लोग डर के मारे अपने दरवाजे बंद करने लगे।

घर के भीतर अचानक मौत से हुआ सामना

यह सनसनीखेज वाकया जनकपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खिरकी का है। यहां रहने वाले हरीशचंद्र यादव के घर में तेंदुआ किस रास्ते से घुसा, इसकी भनक किसी को नहीं लगी। जब परिजनों ने घर के एक कमरे में बनी सीमेंट की रैक (सेल्फ) पर तेंदुए को बैठे देखा, तो वे अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पाए। खूंखार जंगली जानवर को इतनी करीब देख घर में चीख-पुकार मच गई। परिवार के सदस्य जान बचाने के लिए बदहवास होकर बाहर निकले। सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी लाठी-डंडे लेकर जमा हो गए, लेकिन तेंदुए की दहाड़ सुनकर किसी की भी भीतर जाने की हिम्मत नहीं हुई।

वन विभाग ने संभाला मोर्चा, घंटों चला ऑपरेशन

तेंदुए की मौजूदगी की खबर जंगल में आग की तरह फैली और तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। टाइगर रिजर्व से सटे होने के कारण विभाग की टीम फौरन रेस्क्यू किट के साथ मौके पर पहुंची। सबसे पहले पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों ने घर के चारों ओर घेराबंदी की ताकि भीड़ को हटाया जा सके और तेंदुआ घबराकर किसी पर हमला न कर दे। ग्रामीणों को बार-बार हिदायत दी गई कि वे घरों की छतों पर न चढ़ें। विशेषज्ञ दल ने कमरे को सुरक्षित तरीके से चारों तरफ से कवर किया और रेस्क्यू की तैयारी शुरू की।

कड़ी मशक्कत के बाद पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ

वन विभाग के लिए यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि कमरा छोटा था और तेंदुआ पूरी तरह आक्रामक मुद्रा में था। करीब कई घंटों की लुका-छिपी और कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक जाल बिछाया। अंततः तेंदुए को सुरक्षित तरीके से काबू में कर पिंजरे में कैद कर लिया गया। जब तेंदुआ शिकंजे में आया, तब जाकर वन कर्मियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस पूरे रेस्क्यू के दौरान राहत की बात यह रही कि किसी भी इंसान या जानवर को गंभीर चोट नहीं आई।

टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में बढ़ी गश्त

इस घटना के बाद से खिरकी और आसपास के गांवों में अभी भी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल के करीब होने के कारण अक्सर जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में भटकते रहते हैं, जिससे हमेशा जान का खतरा बना रहता है। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया है कि पकड़े गए तेंदुए का मेडिकल चेकअप कराने के बाद उसे टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा। साथ ही, वन्य प्राणियों को आबादी वाले क्षेत्रों में आने से रोकने के लिए क्षेत्र में रात की गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

Also Read: Cat Attack: जंगली बिल्ली का हमला बना जानलेवा: रेबीज संक्रमण के बाद महिला को लगने लगा था पानी से डर, झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button