
छत्तीसगढ़ सरकार ने आगामी होली के त्योहार को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार प्रवास के दौरान स्पष्ट कर दिया कि रंगों के इस पर्व पर प्रदेश में शराब की सभी दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान नशे के कारण होने वाले सड़क हादसों, आपसी झगड़ों और हुड़दंग को रोकना है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार नियमों का पालन करवाने के लिए जमीनी स्तर पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
होटल और बार में भी जाम छलकाने पर पाबंदी
आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, होली के दिन छत्तीसगढ़ में ‘ड्राई डे’ (शुष्क दिवस) का सख्ती से पालन होगा। इस दौरान न केवल देशी और विदेशी शराब की दुकानें बंद रहेंगी बल्कि होटल, क्लब और रेस्टोरेंट में भी शराब परोसने पर पूरी तरह रोक रहेगी। यदि कोई संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सरकार ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में इस आदेश का कड़ाई से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
अवैध भंडारण और हुड़दंगियों पर पुलिस की नजर
त्योहार से पहले शराब के अवैध भंडारण और तस्करी को रोकने के लिए पुलिस विभाग ने छापेमारी की योजना तैयार की है। मुखबिरों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि चोरी-छिपे शराब बेचने वालों पर लगाम कसी जा सके। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने या राहगीरों के साथ बदसलूकी करने वालों को सीधा जेल भेजा जाएगा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए मुख्य चौराहों की मॉनिटरिंग की जाएगी।
बजट सत्र के बीच सुरक्षा पर विशेष ध्यान
एक ओर जहां विधानसभा में बजट सत्र की सरगर्मी तेज है, वहीं दूसरी ओर सरकार सार्वजनिक सुरक्षा के मोर्चे पर भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। राजधानी रायपुर सहित सभी प्रमुख शहरों में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालने की तैयारी की है ताकि असामाजिक तत्वों में डर बना रहे। प्रशासन की इस पहल का आम नागरिकों और महिला संगठनों ने स्वागत किया है क्योंकि होली पर नशे की वजह से अक्सर विवाद की स्थितियां निर्मित होती थीं। सरकार की कोशिश है कि लोग बिना किसी डर और बाधा के भाईचारे के साथ यह त्योहार मना सकें।



