
रायपुर: राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र स्थित ‘ब्लू वॉटर’ (पानी भरी खदान) में एक बड़ा हादसा सामने आया है। नहाने गए 10वीं कक्षा के दो छात्र गहरे पानी में डूब गए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। डूबे हुए छात्रों की पहचान जयेश साहू और मृदुल वंजारिया के रूप में हुई है, जो टाटीबंद स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के छात्र बताए जा रहे हैं।

दोस्तों के साथ घूमने आए थे दोनों छात्र
मिली जानकारी के अनुसार, जयेश और मृदुल अपने 7 से 8 दोस्तों के साथ बाइक पर घूमने के लिए माना इलाके में स्थित ‘ब्लू वॉटर’ पहुँचे थे। यह ‘ब्लू वॉटर’ एक पुरानी पानी भरी खदान है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इसी दौरान कुछ छात्र नहाने के लिए पानी में उतरे। चूंकि दोनों छात्रों को तैरना नहीं आता था, इसलिए वे अचानक गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं निकल पाए।
ग्रामीणों ने मना किया, पर नहीं माने छात्र
पुलिस के अनुसार, मृदुल, जयेश और उनके दोस्त जब खदान में उतरने लगे, तो मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें मना भी किया था, लेकिन छात्रों ने उनकी बात नहीं मानी। थोड़ी देर बाद जब दोनों छात्रों के डूबने का शोर मचा, तो डर के कारण उनके अन्य दोस्त दोनों को छोड़कर बाइक से भागने की कोशिश करने लगे। ग्रामीणों ने लड़कों को रोका और तत्काल पुलिस को सूचना दी।
SDRF और पुलिस की टीमें रेस्क्यू में जुटी
हादसे की सूचना मिलते ही माना थाना पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। टीम पिछले पाँच घंटों से लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है। हालांकि, देर शाम तक दोनों छात्रों का पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रों के परिजन और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए हैं।
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हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का सवाल
इस पूरे मामले में स्कूल हॉस्टल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सवाल उठ रहा है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्र बिना किसी को बताए इतनी दूर माना स्थित ‘ब्लू वॉटर’ कैसे पहुँच गए। मृदुल की माँ ममता बंजारी बड़े गुनिया पाल में हॉस्टल अधीक्षिका हैं और पिता तरुण बंजारी किसान हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन रायपुर के लिए रवाना हो गए हैं।



