दुर्ग अफीम कांड में बड़ा एक्शन: बीजेपी नेता के भाई के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, घर से मिला नशीला जखीरा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती के खुलासे के बाद अब प्रशासन का सख्त एक्शन शुरू हो गया है। मुख्य आरोपी और भाजपा नेता विनायक ताम्रकार की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने उनके परिवार से जुड़े अवैध कब्जों पर बुलडोजर चला दिया। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान विनायक के ठिकानों से बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ और अफीम निकालने के औजार भी बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नशे के इस काले कारोबार से जुड़े किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।

भाई की फैक्ट्री पर चला पीला पंजा: सरकारी जमीन पर था कब्जा

मंगलवार की सुबह राजस्व विभाग और पुलिस की टीम भारी मशीनों के साथ विनायक ताम्रकार के छोटे भाई बृजेश ताम्रकार के ठिकानों पर पहुंची। जांच में पता चला कि बृजेश द्वारा संचालित सीमेंट पोल बनाने की फैक्ट्री सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाई गई थी। प्रशासन ने पहले इन संपत्तियों का बारीकी से निरीक्षण किया और अवैध पाए जाने पर बिना देरी किए बुलडोजर चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और अभी अन्य संदिग्ध संपत्तियों की कुंडली खंगाली जा रही है।

विनायक के घर से बरामद हुआ डोडा और खसखस का भंडार

दुर्ग पुलिस ने अफीम की खेती के मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए विनायक ताम्रकार और उसके करीबियों के घरों पर छापेमारी की। विनायक के घर की तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ सात बोरी डोडा और करीब 2 किलोग्राम खसखस लगा है। यह बरामदगी इस बात का पुख्ता सबूत है कि खेत में केवल अफीम उगाई नहीं जा रही थी, बल्कि उसे बाजार में खपाने के लिए प्रोसेसिंग और भंडारण का काम भी यहीं से हो रहा था। पुलिस ने नशीले पदार्थों को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया है।

अफीम निकालने वाले ‘विशेष हथियार’ मिले: पेशेवर तरीके से हो रही थी खेती

छापेमारी के दौरान पुलिस को विनायक के ठिकानों से अफीम के डोडों में चीरा लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष किस्म के धारदार हथियार और औजार मिले हैं। इन हथियारों का मिलना यह साबित करता है कि यहां अफीम निकालने का काम बहुत ही पेशेवर और संगठित तरीके से किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, मनीष ठाकुर और विकास बिश्नोई के ठिकानों से भी अहम सुराग मिले हैं, जो इस पूरे सिंडिकेट के नेटवर्क को बेनकाब करने में मदद करेंगे।

समोदा-झेंझरी इलाके में हड़कंप: रडार पर कई और रसूखदार

दुर्ग जिले के समोदा और झेंझरी इलाके में जिस बड़े पैमाने पर अफीम की खेती हो रही थी, उसे देखकर पुलिस भी हैरान है। विनायक ताम्रकार की गिरफ्तारी के बाद अब उनके करीबियों और राजनीतिक संपर्कों की भी जांच की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों और नशे का व्यापार करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। आने वाले दिनों में कुछ और अवैध इमारतों और गोदामों पर बुलडोजर की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

पुलिस की अगली रणनीति: नेटवर्क खंगालने में जुटी साइबर सेल

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तैयार अफीम और डोडा किन राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था और इस पूरे कारोबार में फंडिंग कहां से आ रही थी। आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, लेकिन पुलिस को अंदेशा है कि इस रैकेट में कुछ और सफेदपोश लोग शामिल हो सकते हैं। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने नशे के सौदागरों के हौसले पस्त कर दिए हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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