
Gariaband News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojna) के तहत आवासों के निर्माण की स्थिति की गलत रिपोर्टिंग के मामले में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। 4 ग्राम पंचायतों के आवास मित्रों एवं एक ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने यह कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने इस मामले पर कड़ा रूख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला स्तरीय टीम ने निरीक्षण में पकड़ी गई गड़बड़ी
PM Awas Yojna: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत गरियाबंद के निर्देशानुसार, योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के लिए एक जिला स्तरीय टीम को विभिन्न ग्राम पंचायतों में भेजा गया था। टीम ने ग्राम पंचायत खजूरपदर, उसरीजोर, सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल और धोबनमाल का दौरा कर आवासों की स्थिति की विस्तृत जाँच की। निरीक्षण में यह पाया गया कि कई हितग्राहियों के आवास अभी भी अपूर्ण अवस्था में थे।
अधूरे मकानों को जियोटैग कर पूरा दिखाने का प्रयास
जाँच के दौरान निरीक्षण टीम ने पाया कि आवास मित्र एवं रोजगार सहायकों द्वारा अपूर्ण आवासों की गलत रिपोर्टिंग की गई थी। उन्होंने अन्य व्यक्तियों के आवास का जियोटैग कर उन्हें पूर्ण दिखाया था, जबकि वास्तविक में हितग्राहियों के आवास अभी भी अधूरे थे। इस गलत रिपोर्टिंग को गरियाबंद कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत ने गंभीरता से लिया।
इन 5 कर्मचारियों की सेवा समाप्त, कई अन्य को नोटिस
गलत रिपोर्टिंग को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। ग्राम पंचायत सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी और मुचबहाल के 4 आवास मित्रों तथा ग्राम पंचायत धोबनमाल के रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने मामले पर कड़ा रूख अपनाते हुए जनपद पंचायत के कई अन्य अधिकारियों सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
तकनीकी सहायक को भी नोटिस, मॉनिटरिंग होगी सख्त
आवास निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग में लापरवाही को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मैनपुर; विकासखण्ड समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण; तकनीकी सहायक (मनरेगा) और संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच/सचिव को भी नोटिस जारी हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तकनीकी सहायक को बिना परीक्षण किए जियोटैगिंग के सत्यापन में लापरवाही बरतने पर नोटिस दिया गया है। कलेक्टर ने कहा है कि हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम को और सख्त किया जाएगा।



