
रायपुर: छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति के बाद किसान मोर्चा ने अपनी नई टीम की घोषणा कर दी है। संगठन को धार देने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी जिलों के अध्यक्षों, महामंत्रियों और विभिन्न प्रकल्पों के संयोजकों की सूची जारी की गई है। इस संगठनात्मक विस्तार का मुख्य उद्देश्य पार्टी की पकड़ को गांवों और किसानों के बीच और अधिक मजबूत करना है। भाजपा ने अनुभवी चेहरों के साथ-साथ ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ हर खेत-खलिहान तक पहुंचाया जा सके। संभाग स्तर पर प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति कर संगठन ने यह साफ कर दिया है कि अब मैदानी स्तर पर काम को लेकर मॉनिटरिंग और भी सख्त होगी।

किसानों से सीधा संवाद और जमीनी पकड़ पर जोर: बूथ स्तर तक मोर्चा को सक्रिय करने का लक्ष्य, चुनावी तैयारियों की बिछी बिसात
पार्टी सूत्रों की मानें तो इस बड़े फेरबदल के पीछे आगामी राजनीतिक चुनौतियों और किसानों की स्थानीय समस्याओं को हल करना प्राथमिकता है। नए पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों से सीधा संवाद स्थापित करें और उनकी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखें। संगठन का मानना है कि किसान मोर्चा की मजबूती ही ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की सफलता का आधार बनेगी।

इसीलिए नई टीम को बूथ स्तर तक मोर्चा को सक्रिय करने और हर गांव में कम से कम पांच ‘किसान प्रहरी’ तैयार करने का टास्क दिया गया है। इस नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने एक संतुलित सामाजिक समीकरण साधने की भी कोशिश की है ताकि समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व संगठन में बना रहे।










